Indian Stock Market 8 January 2026: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भी फिसलता दिखा है. सेंसेक्स और निफ्टी लगातार चौथे दिन गिरावट में रहे और इंडेक्स ऐसे स्तरों तक पहुंचे, जो पिछले चार महीने में नहीं देखे गए थे. दोपहर 12:10 बजे सेंसेक्स 713.82 अंक या 0.84% टूटकर 84,247.32 पर था, जबकि निफ्टी 50 251.10 अंक या 0.96% गिरकर 25,889.65 पर पहुंचा. निफ्टी अपने 50-DMA के नीचे आ गया, जो टेक्निकल ट्रेडर्स के लिए एक कमजोर संकेत माना जाता है. लगभग सभी सेक्टर्स लाल निशान में थे, जिसमें मेटल्स और ऑइल एंड गैस सबसे बड़े गिरने वाले रहे हैं.
FII क्यों बेच रहे हैं इतना?
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशक(FIIs) की बिकवाली से आया है. बुधवार को FIIs ने 1,527.71 करोड़ रुपये की बिक्री की, जो जनवरी में तीसरी लगातार बिक्री सत्र थी. जनवरी की शुरुआत से अब तक FIIs करीब 5,760 करोड़ रुपये बेच चुके हैं. 2025 में रिकॉर्ड आउटफ्लो के बाद 2026 की शुरुआत भी कमजोर मोड में है.
टैरिफ वाली टेंशन क्या है?
इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका की तरफ से उठी टैरिफ चिंताए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयान के बाद भारत से होने वाले व्यापार पर दबाव बढ़ा है. अमेरिका पहले ही कई भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ लगा चुका है. अब रूस से तेल खरीद को लेकर 500% टैरिफ तक का प्रस्ताव चर्चा में है. टेक्सटाइल और श्रिम्प जैसी एक्सपोर्ट-हेवी कंपनियों पर इसका सीधा असर दिखा और इनके शेयर पिटे है. बाजार में यह भी चिंता है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अटक सकती है, जबकि विश्लेषकों इसे भारत की ग्रोथ के लिए अहम मानते हैं.
वैश्विक संकेत भी बिगड़े
एशियाई बाजार नीचे थे, अमेरिकी बाजार पिछली रात कमजोर बंद हुए और कच्चा तेल के 60.20 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ने से भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए लागत बढ़ने की आशंका बनी है. भारत VIX करीब 9% चढ़कर 10.83 तक पहुंचा, जो इन्वेस्टर्स के बीच बढ़ती अनिश्चितता को दिखाता है.
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