भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड $333.2 बिलियन पर, तेल और सोने ने बढ़ाया बोझ: BOB Report

सांकेतिक तस्वीर (फोटो: Canva)
BOB Report: वित्त वर्ष 2026 में भारत का व्यापार घाटा $333.2 बिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. जानिए किन वजहों से बढ़ा यह घाटा और क्यों व्यापार समझौतों से भविष्य में राहत की उम्मीद है.
BOB Report: वित्त वर्ष 2026 (FY26) भारत के विदेशी व्यापार के लिए चुनौतियों भरा रहा है. बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) 333.2 अरब डॉलर के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले महीनों में नए व्यापार समझौतों के कारण इसमें सुधार देखने को मिल सकता है.
FY26 के व्यापारिक आंकड़े
| श्रेणी | वित्त वर्ष 2026 (FY26) | वित्त वर्ष 2025 (FY25) | विकास दर (%) |
| माल निर्यात (Merchandise Export) | $441.7 बिलियन | $437.1 बिलियन | +0.9% |
| माल आयात (Merchandise Import) | $775.0 बिलियन | $721.0 बिलियन | +7.5% |
| सर्विसेज सरप्लस | $213.9 बिलियन | $188.8 बिलियन | +13.3% |
| कुल व्यापार घाटा (माल + सेवा) | $119.3 बिलियन | $94.7 बिलियन | +26% |
आयात बिल बढ़ने के मुख्य कारण
- सोना और चांदी: सोने के आयात में 25% की बढ़ोतरी हुई, जबकि चांदी के आयात में 151% का जबरदस्त उछाल देखा गया. घरेलू मांग और बढ़ती कीमतों ने इसे हवा दी.
- इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी: इलेक्ट्रॉनिक्स आयात पहली बार $100 बिलियन के पार निकल गया (17.9% की वृद्धि). मशीनरी आयात में भी 15.8% की बढ़त हुई, जो मजबूत घरेलू औद्योगिक मांग को दर्शाता है.
- कच्चा तेल (Oil): पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में 58% का उछाल आया. हालांकि, पूरे साल के लिए तेल आयात बिल में 6.5% की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि साल के शुरुआती महीनों में कीमतें कम थीं.
निर्यात में चमक और गिरावट
- शानदार प्रदर्शन: इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स निर्यात में 24.2% की शानदार बढ़त देखी गई.
- धीमी रफ्तार: इंजीनियरिंग गुड्स की ग्रोथ गिरकर 5% रह गई (पिछले साल 13.5% थी). फार्मा सेक्टर में भी बढ़त घटकर 2.1% पर आ गई.
- सुधार: रत्न और आभूषण (Gems & Jewellery) क्षेत्र में गिरावट कम होकर 5.5% रह गई.
चीन और अमेरिका से बढ़ता आयात
भारत के व्यापारिक रिश्तों में क्षेत्रीय स्तर पर बड़े बदलाव देखे गए:
- चीन: आयात 16% बढ़ा (FY25 में 11.5% था).
- अमेरिका: आयात में 15.9% की वृद्धि हुई.
- रूस: रूसी तेल पर प्रतिबंधों के कारण आयात में 13.2% की बड़ी गिरावट आई.
- UAE: आयात की रफ्तार बहुत धीमी (0.7%) रही.
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By अभिषेक पाण्डेय
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
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करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
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