ट्रंप के 'असंवैधानिक' शुल्कों की वापसी शुरू: आज से खुलेगा रिफंड पोर्टल, $166 अरब के दावों पर मची होड़

Published by :Abhishek Pandey
Published at :20 Apr 2026 3:08 PM (IST)
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US Customs Refund

सांकेतिक तस्वीर (फोटो: Canva)

US Customs Refund: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के आयात शुल्कों को असंवैधानिक घोषित करने के बाद $166 अरब के रिफंड का दावा आज से शुरू. जानिए CBP पोर्टल पर आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया.

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US Customs Refund: न्यूयॉर्क से आ रही खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए विवादित आयात शुल्कों (Import Tariffs) की वापसी की प्रक्रिया आज, सोमवार (20 अप्रैल, 2026) से आधिकारिक तौर पर शुरू हो रही है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इन शुल्कों को असंवैधानिक करार दिया था, जिसके बाद अब सरकार को यह पैसा लौटाना पड़ रहा है.

रिफंड की प्रक्रिया: कैसे करें आवेदन?

‘अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP)’ ने स्पष्ट किया है कि रिफंड की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी.

  • पोर्टल: आयातक (Importers) और उनके एजेंट सोमवार सुबह 8 बजे से ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दावा पेश कर सकते हैं.
  • समय सीमा: दावा मंजूर होने के बाद पैसा वापस मिलने में 60 से 90 दिन का समय लग सकता है.
  • प्राथमिकता: रिफंड चरणबद्ध तरीके (Phased Manner) से दिया जाएगा. सबसे पहले उन भुगतानों को निपटाया जाएगा जो हाल ही में किए गए हैं.

अदालत ने क्यों बताया इसे असंवैधानिक?

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि राष्ट्रपति ट्रंप ने आपातकालीन शक्तियों (Emergency Powers) का गलत इस्तेमाल किया था. अदालत के अनुसार, आयात शुल्क लगाना और कर निर्धारण करना अमेरिकी संसद (Congress) का अधिकार है. राष्ट्रपति द्वारा सीधे शुल्क लगाकर संसद के अधिकारों का उल्लंघन किया गया, जिससे यह पूरी प्रक्रिया अवैध हो गई.

आंकड़ों की नजर में रिफंड का पैमाना

यह रिफंड प्रक्रिया वैश्विक व्यापार के इतिहास में सबसे बड़ी वापसी में से एक हो सकती है:

  • कुल राशि: लगभग 166 अरब डॉलर का शुल्क वसूला गया था.
  • प्रभावित आयातक: करीब 3,30,000 कंपनियों ने यह टैक्स भरा था.
  • पहला चरण: फिलहाल सभी मामलों को शामिल नहीं किया गया है, केवल चुनिंदा श्रेणियों को पहले चरण में रिफंड का मौका मिला है.

आम जनता पर क्या होगा असर ?

विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्कों की वापसी से व्यापारिक लागत कम होगी. हालांकि इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं (Consumers) तक पहुँचने में समय लगेगा, लेकिन लंबे समय में इलेक्ट्रॉनिक सामान, ऑटोमोबाइल और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है.

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लेखक के बारे में

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अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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