ePaper

भारत की चाय की दीवानी पूरी दुनिया, साल भर में लाखों टन की ले ली चुस्की

Updated at : 18 Apr 2025 5:05 PM (IST)
विज्ञापन
Tea Export

Tea Export

Tea Export: भारत ने 2024 में 25.46 करोड़ किलोग्राम चाय निर्यात कर वैश्विक स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया. इससे 7,111.43 करोड़ रुपये की आय हुई. उत्तर भारत का योगदान 60.79% और दक्षिण भारत का 39.21% रहा. चाय बोर्ड के अनुसार, यह निर्यात 2023 की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है, जो भारत की वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाता है.

विज्ञापन

Tea Export: भारत की सुगंधित और स्वादिष्ट चाय की मांग पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि भारत का चाय निर्यात वर्ष 2024 में 25.46 करोड़ किलोग्राम यानी 2,54,600 टन तक पहुंच गया. यह जानकारी भारतीय चाय बोर्ड द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में दी गई. इस उपलब्धि के साथ ही भारत ने वैश्विक स्तर पर चाय निर्यात करने वाले तीसरे सबसे बड़े देश के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है.

चाय के निर्यात से मिली 7,111.43 करोड़ की विदेशी मुद्रा

बोर्ड के मुताबिक, चाय निर्यात से भारत को वर्ष 2024 में कुल 7,111.43 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा आय प्राप्त हुई, जो कि वर्ष 2023 की तुलना में एक उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है. वर्ष 2023 में भारत का चाय निर्यात 23.16 करोड़ किलोग्राम था.

उत्तर और दक्षिण भारत का योगदान

चाय के निर्यात में क्षेत्रीय योगदान की बात करें, तो उत्तर भारत सबसे आगे रहा. यहां से 15.48 करोड़ किलोग्राम चाय का निर्यात किया गया, जिससे 4,833.12 करोड़ रुपये की आय हुई. वहीं, दक्षिण भारत ने 9.98 करोड़ किलोग्राम चाय निर्यात कर 2,278.31 करोड़ रुपये की कमाई की. बोर्ड ने बताया कि उत्तर भारत का योगदान मात्रा के लिहाज से 60.79% और मूल्य के लिहाज से 66.96% रहा. दूसरी ओर, दक्षिण भारत का योगदान मात्रा में 39.21% और मूल्य में 32.04% रहा.

इसे भी पढ़ें: IPL में बिना मैच खेले भी मिलती है खिलाड़ियों को सैलरी? क्या कहते हैं BCCI के नियम

भारत की वैश्विक चाय बाजार में पकड़

इस बढ़ते निर्यात से यह साफ है कि भारत की चाय न केवल घरेलू बाजार में पसंद की जा रही है, बल्कि इसकी अंतरराष्ट्रीय मांग भी निरंतर बढ़ रही है. विभिन्न प्रकार की भारतीय चाय जैसे दार्जिलिंग, असम, नीलगिरी आदि दुनियाभर के उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रही हैं. केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करने वाला भारतीय चाय बोर्ड देशभर में चाय की खेती, उत्पादन और बिक्री को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. चाय उद्योग से जुड़ी यह उपलब्धि भारत की वैश्विक कृषि-निर्यात शक्ति को और मजबूत करती है.

इसे भी पढ़ें: SIP: एसआईपी के 25x12x15 फॉर्मूले से आप भी बन सकते हैं करोड़पति, ऐसे समझिए इसका जादू

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola