UP Farmers News: अब बिना रजिस्ट्री भी गेहूं बेच सकेंगे किसान, CM योगी ने दिए सख्त निर्देश

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सांकेतिक तस्वीर (फोटो: Canva)

UP Farmers News: यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की अनिवार्यता खत्म की. अब किसान बिना किसी तकनीकी बाधा के सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे गेहूं.

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UP Farmers News: उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद की प्रक्रिया में आ रही तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए अब ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की आवश्यकता नहीं होगी.

क्यों लिया गया यह फैसला ?

इस साल सरकार ने पारदर्शिता के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अनिवार्य की थी, लेकिन पोर्टल पर पंजीकरण न हो पाने के कारण हजारों किसान परेशान थे. पंजीकरण न होने की वजह से किसान बिचौलियों को कम दाम पर गेहूं बेचने को मजबूर हो रहे थे. सरकारी केंद्रों पर लंबी वेटिंग और तकनीकी बाधाओं के कारण किसानों में रोष था. इन समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप किया और पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने के निर्देश दिए.

अब तक की खरीद के आंकड़े (20 अप्रैल दोपहर तक)

खाद्य व रसद विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में गेहूं खरीद की स्थिति इस प्रकार है:

  • कुल खरीद: 2.38 लाख टन.
  • लाभान्वित किसान: 42 हजार से अधिक.
  • कुल पंजीकरण: 4.77 लाख से अधिक किसान पहले ही रजिस्टर कर चुके हैं.
  • क्रय केंद्र: पूरे प्रदेश में 5,400 से अधिक सरकारी क्रय केंद्र सक्रिय हैं.

बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम करने को कहा :

  • मूलभूत सुविधाएं: किसानों के लिए बैठने के लिए छाजन (शेड), पंखे और पीने के ठंडे पानी की व्यवस्था.
  • तत्काल भुगतान: गेहूं की तौल के बाद भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश.
  • असुविधा पर कार्रवाई: यदि किसी भी केंद्र पर किसानों के साथ दुर्व्यवहार या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

किसानों के लिए क्या बदला ?

अब किसान अपनी जमीन के कागजात (खतौनी) और पहचान पत्र के आधार पर सीधे केंद्र जाकर गेहूं बेच सकते हैं. उन्हें उस जटिल डिजिटल रजिस्ट्री प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना होगा जो उनके लिए बाधा बन रही थी.

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अभिषेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By अभिषेक पाण्डेय

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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