PAN जमा नहीं कराया है तो कमाई पर आपको करना होगा टैक्स का भुगतान, राहत पाने के ये हैं 4 प्वाइंट...
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 04 Aug 2020 8:03 PM
PAN Card news : अगर आप कंपनियों के शेयरों या म्यूचुअल फंडों में निवेश करते हैं, तो आपके लिए एक चौंकाने वाली खबर है. बीते 1 अप्रैल 2020 से शेयरों और म्यूचुअल फंडों के लाभांश से होने वाली कमाई पर लाभांश वितरण कर (DDT) खत्म हो गया है. 1 अप्रैल से लागू इस नये नियम के अनुसार अब म्यूचुअल फंडों और घरेलू कंपनियों के लाभांश से होने वाली कमाई पर निवेशकों को टैक्स देना होगा. इसका मतलब यह कि इस प्रकार के निवेश से मिलने वाला लाभांश आपको होने वाली कुल कमाई में जुड़ जाएगा. इस पर आयकर स्लैब के हिसाब से आपको टैक्स का भुगतान करना होगा. इस टैक्स की वसूली स्रोत पर कर कटौती (TDS) के रूप में होगी. ऐसे में, आपको यह जानना बेहद जरूरी है कि आपको इस प्रकार के निवेश से मिलने वाले लाभांश पर टैक्स भुगतान से कैसे राहत मिल सकती है.
PAN Card news : अगर आप कंपनियों के शेयरों या म्यूचुअल फंडों में निवेश करते हैं, तो आपके लिए एक चौंकाने वाली खबर है. बीते 1 अप्रैल 2020 से शेयरों और म्यूचुअल फंडों के लाभांश से होने वाली कमाई पर लाभांश वितरण कर (DDT) खत्म हो गया है. 1 अप्रैल से लागू इस नये नियम के अनुसार अब म्यूचुअल फंडों और घरेलू कंपनियों के लाभांश से होने वाली कमाई पर निवेशकों को टैक्स देना होगा. इसका मतलब यह कि इस प्रकार के निवेश से मिलने वाला लाभांश आपको होने वाली कुल कमाई में जुड़ जाएगा. इस पर आयकर स्लैब के हिसाब से आपको टैक्स का भुगतान करना होगा. इस टैक्स की वसूली स्रोत पर कर कटौती (TDS) के रूप में होगी. ऐसे में, आपको यह जानना बेहद जरूरी है कि आपको इस प्रकार के निवेश से मिलने वाले लाभांश पर टैक्स भुगतान से कैसे राहत मिल सकती है.
1. पांच हजार से अधिक की अतिरिक्त कमाई पर देना होगा टैक्स
देश में निवास करने वाले किसी निवेशक को अगर म्यूचुअल फंड और शेयरों के लाभांश से 5,000 रुपये तक कमाई होती है, तो उस पर टीडीएस का भुगतान नहीं करना होगा, लेकिन लाभांश से होने वाली कमाई 5,000 रुपये से अधिक होने पर निवेशक को 10 फीसदी की दर से टीडीएस चुकता करना होगा.
2. टीडीएस भुगतान से ऐसे मिलेगी राहत
किसी निवेशक को शेयरों और म्यूचुअल फंड के लाभांश से होने वाली कमाई पर टीडीएस से तभी राहत मिल सकती है, जब वे पैन कार्ड की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी के साथ फॉर्म 15जी/फॉर्म 15एच जमा कराते हैं. फॉर्म 15जी या फॉर्म 15एच सेल्फ-डेक्लेरेशन फॉर्म होते हैं. इनमें कोई व्यक्ति यह बताता है कि उसकी कमाई कर लगने योग्य सीमा से कम है. इसलिए उसे टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाए. 15जी और 15एच की वैधता केवल एक साल तक ही होती है.
3. पैन कार्ड की कॉपी जमा नहीं कराने पर 20 फीसदी देना होगा टैक्स
इसके साथ ही, अगर कोई निवेशक केवल पैन कार्ड की कॉपी जमा कराता है, तो उसे 7.5 फीसदी की घटी दर से टीडीएस का भुगतान करना होगा. वहीं, कोई निवेशक पैन कार्ड की कॉपी भी जमा नहीं कराता है, तो उसे 20 फीसदी की बढ़ी हुई दर से टीडीएस का भुगतान पड़ेगा.
4. एनआरआई को लाभांश पर 20 फीसदी देना होगा टैक्स
इसके अलावा, भारतीय शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को लाभांश से होने वाली आमदनी पर 20 फीसदी की दर से टैक्स का भुगतान करना होगा. हालांकि, टैक्स का कैलकुलेशन उस देश के साथ भारत के समझौते (डीटीएए) पर निर्भर करेगा. यह इस बात से भी तय होगा कि निवेशक टैक्स से राहत पाने के लिए कौन सा दस्तावेज जमा करता है.
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Posted By : Vishwat Sen
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