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आईसीआईसीआई बैंक का शुद्ध लाभ 15% बढ़ा, आय और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार

Updated at : 26 Jan 2025 8:25 AM (IST)
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ICICI Bank

प्राइवेट सेक्टर का बड़ा बैंक आईसीआईसीआई.

ICICI Bank: आईसीआईसीआई बैंक का दिसंबर तिमाही में प्रदर्शन न केवल लाभप्रदता के मोर्चे पर, बल्कि परिसंपत्ति गुणवत्ता और पूंजी पर्याप्तता के मामले में भी मजबूत रहा है. यह परिणाम भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की तेजी से बढ़ती स्थिरता और आईसीआईसीआई बैंक की प्रभावी प्रबंधन रणनीतियों को दर्शाता है.

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ICICI Bank: आईसीआईसीआई बैंक ने चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है. बैंक का एकल आधार पर शुद्ध लाभ 15% की वृद्धि के साथ 11,792 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 10,272 करोड़ रुपये था. यह वृद्धि बैंक की आय में इजाफे और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार को दर्शाती है.

आईसीआईसीआई की कुल आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि

बैंक की कुल आय चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 48,368 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 42,792 करोड़ रुपये थी. इस दौरान ब्याज से होने वाली आमदनी 12.56% बढ़कर 41,300 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 36,695 करोड़ रुपये थी. यह बैंक की मजबूत ऋण वृद्धि और प्रभावी ब्याज दर प्रबंधन का नतीजा है.

परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार

आईसीआईसीआई बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है. दिसंबर तिमाही के अंत में बैंक का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात घटकर 1.96% हो गया, जो एक साल पहले 2.3% था. बैंक का शुद्ध एनपीए घटकर 0.42% रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 0.44% था. यह बैंक की मजबूत ऋण प्रबंधन और वसूली प्रयासों का प्रमाण है.

प्रावधान और प्रावधान कवरेज अनुपात

हालांकि, बैंक के कर को छोड़कर कुल प्रावधान तिमाही के दौरान बढ़कर 1,227 करोड़ रुपये हो गए, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 1,049 करोड़ रुपये थे. दिसंबर तिमाही के अंत में गैर-निष्पादित ऋणों पर प्रावधान कवरेज अनुपात 78.2% था.

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पूंजी पर्याप्तता अनुपात

आईसीआईसीआई बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात भी बेहतर स्थिति में है. यह चालू तिमाही के अंत में बढ़कर 14.71% हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 14.61% था.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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