Himachal Pradesh: जल्द ही सीमेंट-कच्चे माल की ढुलाई मालगाड़ी से होगी, सस्ता होगा सीमेंट
Published by : संवाद न्यूज Updated At : 31 Dec 2021 9:44 AM
Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में सीमेंट उत्पादन करने वाली तीन बड़ी कंपनियां अल्ट्राटेक, एसीसी और अंबुजा हैं. अभी ये ट्रकों से माल की ढुलाई करती हैं. कच्चा माल लाने और सीमेंट ले जाने के लिए हजारों ट्रकों का भाड़ा देना पड़ता है.
बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) : भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन बनने से पैसेंजर ट्रेन की सुविधा तो मिलेगी ही प्रदेश में सीमेंट के दाम कम हो जाएंगे. रेललाइन बिछने के बाद प्रदेश की तीनों कंपनियों के सीमेंट, कोयले और कच्चे माल की ढुलाई ट्रकों की जगह मालगाड़ी से हुआ करेगी. सीमेंट कंपनियों को सुविधा देने के लिए रेलवे बरमाणा में पैंसेंजर के साथ माल ढुलाई के लिए प्लेटफॉर्म बनाएगा.
हिमाचल प्रदेश में सीमेंट उत्पादन करने वाली तीन बड़ी कंपनियां अल्ट्राटेक, एसीसी और अंबुजा हैं. अभी ये ट्रकों से माल की ढुलाई करती हैं. कच्चा माल लाने और सीमेंट ले जाने के लिए हजारों ट्रकों का भाड़ा देना पड़ता है. अब तीनों कंपनियां मिलकर एक एमओयू पर कार्य कर रही हैं. इसके अनुसार तीनों कंपनियों के ट्रक बरमाणा तक माल लेकर आएंगे. वहां से आगे इसे मालगाड़ी के जरिए पहुंचाया जाएगा.
तीनों कंपनियों का सीमेंट नालागढ़, भगेरी, किरतपुर, देहणी और रूड़की और पंजाब के कई भागों में जाता है. वहीं इन कंपनियों का कच्चा माल जैसे लोहा मिट्टी खन्ना से, राख कनौली, कोयला लेने किरतपुर, और सफेद मिट्टी लेने के लिए चंडीगढ़ ट्रक भेजने पड़ते हैं. जब कच्चा माल मालगाड़ी में आएगा तो ट्रकों का खर्च आधे से भी कम हो जाएगा और इससे प्रदेश में भी सीमेंट सस्ता होगा.
प्रदेश की तीनों सीमेंट फैक्ट्रियों में वर्तमान में करीब 12 हजार ट्रक हैं. इसमें एसीसी में 4500, अल्ट्राटेक में 3500 और अंबुजा में करीब 4000 ट्रक माल ढुलाई का कार्य कर रहे हैं लेकिन जब बरमाणा में प्लेटफॉर्म बनेगा तो इन ट्रकों की माल ढुलाई का कार्य बरमाणा और प्रदेश के अन्य जिलों तक सीमित हो जाएगा. इससे ट्रक मालिकों की आमदनी न बराबर रहेगी बल्कि इनके चालकों पर भी असर पड़ेगा. वर्तमान में रोजाना एसीसी से 12 हजार मिट्रिक टन, अल्ट्राटेक से 9 हजार मिट्रिक टन, अंबुजा से 10 हजार मिट्रिक टन सीमेंट की ढुलाई ट्रक ऑपरेटर कर रहे हैं.
बरमाणा से मालगाड़ी शुरू होने के बाद स्वारघाट से बरमाणा तक चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत में भी सुधार होगा. सीमेंट के भारी वाहन हर दिन इस राजमार्ग से गुजरते हैं. इससे मरम्मत के दो-चार माह बाद ही एनएच की हालत खस्ता हो जाती है लेकिन जब भारी वाहनों की आवाजाही कम होगी तो सड़क की हालत भी बेहतर होगी और इस राजमार्ग पर होने वाले हादसों में भी कमी आएगी.
Posted By : Amitabh Kumar
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