बेटी के ब्याह में बाप की अग्निपरीक्षा! सोने-चांदी के गहने बनवाने में निकलेगा दम

जीएसटी छूट पर मेकिंग चार्ज और सोने की कीमत भारी
Gold Jewellary Cost: इस साल के शादी के सीजन में सोना खरीदना महंगा पड़ सकता है. भले ही सरकार ने जीएसटी दरों में कमी की हो, लेकिन सोने की बढ़ी कीमत और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज ने राहत की उम्मीद खत्म कर दी है. ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतें ऊंचाई पर हैं, जिससे भारतीय बाजार में भी सोने के दामों में तेजी जारी है. शादी की तैयारियों में जुटे लोगों के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है.
Gold Jewellary Cost: त्योहारी सीजन समाप्त होते ही भारत में शादी का सीजन शुरू होने वाला है. इस साल के शादी के सीजन में बेटी ब्याह थोड़ा भारी और खर्चीला होने वाला है, क्योंकि इस साल के शादी के सीजन में बिटिया के ब्याह में उसके पिता और रिश्तेदारों को सोने के गहने बनवाने में ही अग्निपरीक्षा के दौर से गुजरना पड़ेगा. सरकार ने 22 सितंबर 2025 से सोने पर लगने वाले जीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर) में कटौती तो कर दी है, लेकिन सोने के गहने बनवाने पर लगने वाले मेकिंग चार्ज, मेकिंग चार्ज पर लगने वाला जीएसटी और फिर सोने की कीमतें ही जेब की जान निकाल देगी. आइए, इसे विस्तार से जानते हैं.
सोने की कीमत क्या है?
अखिल भारतीय सर्राफा संघ (एआईबीए) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार 9 अक्टूबर, 2025 को दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमत क्रमश: 1,26,600 रुपये और 1,26,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रही. बुधवार को भी यही कीमत थी. इसमें सभी प्रकार के टैक्स शामिल हैं.
चांदी की कीमत क्या है?
एआईबीए के अनुसार, दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 6,000 रुपये की तेजी के साथ 1,63,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. हालांकि, बुधवार को कारोबार के अंत में चांदी की कीमत 1,57,000 रुपये प्रति किलोग्राम रही. चांदी में एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार इतना तेज उछाल आया है. 6 अक्टूबर 2025 को यह 7,400 रुपये चढ़कर 1,57,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी.
एक साल में कितना महंगा हुआ सोना
सोने की कीमतों में आई तेजी की बात करें, तो पिछले एक साल के दौरान देश में 24 कैरेट सोना करीब 47,030 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है. पिछले साल 20 अक्टूबर 2024 को करवा चौथ के दिन दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 79,570 रुपये प्रति 10 ग्राम था. आज 9 अक्टूबर, 2025 को इसका भाव 1,26,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है.
गोल्ड ज्वेलरी बनाना ऐसे पड़ेगा भारी
बेटी के बाप के लिए असली अग्निपरीक्षा सोने के गहने बनवाने में देने होंगे. इसका कारण यह है कि इस समय सोने का भाव 1,26,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है. अब अगर वह 10 ग्राम सोने का गहना बनवाता है, तो उसे सोने की कीमत पर 3% जीएसटी देना होगा. इसके बाद, उसे मेकिंग चार्ज और फिर मेकिंग चार्ज पर 5% की दर से जीएसटी देना होगा.
- सोने का मूल्य: 1,26,000 रुपये प्रति 10 ग्राम
- सोने के मूल्य पर 3% जीएसटी: 3,798 रुपये
- ज्वेलरी बनवाने पर 10% मेकिंग चार्ज: 12,660 रुपये
- मेकिंग चार्ज 12,600 रुपये पर 5% जीएसटी: 633 रुपये
- सभी प्रकार के जीएसटी और मेकिंग चार्ज के बाद 10 ग्राम गोल्ड ज्वेलरी का कुल दाम: 1,43,691 रुपये
- 10 ग्राम सोने की ज्वेलरी बनाने पर अतिरिक्त भुगतान: 17,091 रुपये
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जीएसटी छूट के बावजूद जेब पर भारी पड़ेगा सोना
अब गौर करने वाली बात यह है कि जीएसटी परिषद ने सोने की खरीद पर जीएसटी की दर 3% रखी है, लेकिन जीएसटी में कटौती के बावजूद सोने की कीमतों और मेकिंग चार्ज में उछाल ने बेटी के बाप को मिलने वाली राहत का असर खत्म कर दिया है. बेटी की शादी में अगर कोई बाप केवल 10 ग्राम सोने का ही गहना बनवाना चाहेगा, तो उसे अतिरिक्त शुल्क के तौर पर करीब 17,000 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा. ऐसे में बेटी की शादी के लिए सोने के झुमके-कंगन बनवाना अग्निपरीक्षा जैसा साबित होने वाला है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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