Food Delivery App: जोमैटो, स्विगी और ज़ेप्टो, कृपया सोचें…मुंबई के सीईओ ने अल्ट्रा फास्ट फूड डिलीवरी पर उठाए सवाल

Updated:
विज्ञापन
Food Delivery App

Food Delivery App

Food Delivery App: बॉम्बे शेविंग कंपनी के सीईओ शांतनु देशपांडे ने भारत में बढ़ती फास्ट फूड डिलीवरी की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे एक संभावित “स्वास्थ्य संकट” करार दिया है.

विज्ञापन

Food Delivery App: बॉम्बे शेविंग कंपनी के सीईओ शांतनु देशपांडे ने भारत में बढ़ती फास्ट फूड डिलीवरी की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे एक संभावित “स्वास्थ्य संकट” करार दिया है. अपने लिंक्डइन पोस्ट में उन्होंने प्रोसेस्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड पर निर्भरता की आलोचना की, जो फूड डिलीवरी ऐप्स के मेन्यू में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.

फास्ट फूड की ओर झुकाव को लेकर चेतावनी

देशपांडे ने अपने पोस्ट में लिखा, “49 रुपये के पिज्जा, 30 रुपये के बर्गर और 20 रुपये के एनर्जी ड्रिंक का बढ़ता क्रेज हमें अमेरिका और चीन के रास्ते पर ले जा रहा है, जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कोई मजबूत आर्थिक सुरक्षा नहीं है.” उन्होंने ज़ोमैटो, स्विगी, और ज़ेप्टो जैसी कंपनियों से आग्रह किया कि वे केवल त्वरित डिलीवरी के बजाय गुणवत्ता और पोषण पर ध्यान केंद्रित करें.

10 मिनट की डिलीवरी पर सवाल

देशपांडे ने इस रेस पर सवाल उठाते हुए कहा, “2 मिनट में खाना पकाना और 8 मिनट में डिलीवर करना, यह कोई समाधान नहीं है. ताजा और पौष्टिक भोजन के लिए हमें और काम करने की जरूरत है. लेकिन फिलहाल हम इस लक्ष्य से काफी दूर हैं.” उन्होंने त्वरित डिलीवरी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जमे हुए और प्रोसेस्ड फूड पर भी चिंता जताई

स्वास्थ्य पर पड़ने वाला असर

देशपांडे ने कहा कि भारत में सुविधाजनक भोजन के प्रति बढ़ता जुनून दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. उन्होंने लिखा, “आप वही हैं जो आप खाते हैं. स्वस्थ और संतुलित भोजन ही दीर्घकालिक स्वस्थ जीवन की कुंजी है.”

नियामकों और उपभोक्ताओं को सलाह

देशपांडे ने नियामकों से अपील की कि वे त्वरित डिलीवरी सिस्टम के बावजूद भोजन की गुणवत्ता की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करें. उपभोक्ताओं को उन्होंने सरल संदेश दिया: “खाना बनाना सीखें. दाल-चावल, सलाद, या सैंडविच बनाने में केवल 10 मिनट लगते हैं. यह हर किसी के लिए जरूरी कौशल है.”

सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाएं

देशपांडे के इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी. कुछ ने उनके विचारों का समर्थन किया, तो कुछ ने सुझाव दिया कि फूड डिलीवरी कंपनियों को डिलीवरी और खाद्य तैयारी के समय को अलग रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

यह पोस्ट केवल कंपनियों और उपभोक्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाने का समय आ गया है.

Also Read: Allu Arjun Tax: ‘पुष्पा’ की कमाई के साथ टैक्स चुकाने में भी नंबर वन, जानिए 2023-24 में कितना भरा टैक्स

विज्ञापन
अभिषेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By अभिषेक पाण्डेय

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola