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FASTag पर मंडरा रहा खतरा, नितिन गडकरी का बड़ा प्लान

Updated at : 16 Sep 2024 11:41 AM (IST)
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FASTag पर मंडरा रहा खतरा, नितिन गडकरी का बड़ा प्लान

हाईवे पर टोल प्लाजा से हट जाएगा फास्टैग

FASTag: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से हाईवे पर टोल टैक्स की वसूली के लिए सैटेलाइट बेस्ड टोल सिस्टम को जिस प्रकार से चरणबद्ध तरीके से वाहनों पर इस्तेमाल किया जाएगा, फास्टैग का दायरा कम होता जाएगा.

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FASTag: टोल टैक्स वसूली के लिए इस्तेमाल होने वाले फास्टैग पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के तमाम टोल प्लाजा से होकर गुजरने वाले वाहनों से टैक्स की वसूली के लिए बड़ा प्लान बनाया है. इस प्लान को धरातल पर आ जाने के बाद टोल टैक्स वसूली के लिए इस्तेमाल होने वाला फास्टैग इतिहास के गर्भ में समा जाएगा. नितिन गडकर ने ऐसा प्लान बनाया है कि उसे चालू हो जाने के बाद वाहनों को टोल प्लाजा पर रोके बिना ही टैक्स की वसूली हो जाएगी. तकनीकी भाषा में इसे सैटेलाइट बेस्ड टोल सिस्टम कहा जाता है. इस सिस्टम के आने के बाद टोल प्लाजा पर फास्टैग का काम खत्म हो जाएगा.

सैटेलाइट सिस्टम को सड़क एवं परिवहन मंत्रालय से मिली हरी झंडी

टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने और फास्टैग के इस्तेमाल को समाप्त करने के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने सैटेलाइट बेस्ट टोल सिस्टम को मंजूरी दे दी है. यह एक ऐसा सिस्टम है कि आपको टोल टैक्स चुकाने के लिए प्लाजा पर रुकने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. आप जिस स्पीड से गाड़ी को लेकर टोल प्लाजा तक पहुंचे हैं, उसी स्पीड में आप उसे क्रॉस भी कर जाएंगे. इस बीच, आपको पता भी नहीं चलेगा कि आपके बैंक खाते से टोल टैक्स कैसे कट गया.

जीपीएस के इस्तेमाल से संचालित होगा सैटेलाइट सिस्टम

टोल टैक्स वसूली के लिए लाए जाने वाला सैटेलाइट बेस्ड टोल सिस्टम पूरी तरह से जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) पर आधारित होगा. सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि टोल टैक्स वसूली के लिए सेटेलाइट बेस्ड टोल सिस्टम सबसे पहले व्यावसायिक वाहनों पर प्रयोग के तौर पर शुरू किया जाएगा. व्यावसायिक वाहनों पर प्रयोग शुरू हो जाने के बाद इसे कारों और दूसरे वाहनों पर लागू किया जाएगा. इसे चालू हो जाने के बाद आपको अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं होगी. जैसे ही आपकी गाड़ी हाईवे पर आएगी, आपकी गाड़ी जीपीएस के दायरे में आ जाएगी. ऐसी गाड़ियों से टोल टैक्स की वसूली के लिए हाईवे पर अलग लेन तैयार किया जा रहा है. उस लेन से गुजरते ही आप सैटेलाइट सिस्टम के जरिए टोल टैक्स का भुगतान कर देंगे.

लेन में नहीं जाने पर कट जाएगा चालान

अगर कोई वाहन चालक टोल टैक्स बचाने की फिराक में लेन से हटकर दूसरी ओर से गाड़ी गुजारने की कोशिश करेगा या गुजार देगा, तो उसे चालान का भुगतान भी करना पड़ेगा. मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि टोल टैक्स नहीं देने के लिए लेन तोड़ने पर मोटा जुर्माना देना होगा. हालांकि, मंत्रालय की ओर से अभी तक इसका खुलासा नहीं किया गया है कि लेन रूल्स के उल्लंघन पर कितना जुर्माना देना पड़ेगा.

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चरणबद्ध तरीके से खत्म हो जाएगा फास्टैग

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से हाईवे पर टोल टैक्स की वसूली के लिए सैटेलाइट बेस्ड टोल सिस्टम को जिस प्रकार से चरणबद्ध तरीके से वाहनों पर इस्तेमाल किया जाएगा, फास्टैग का दायरा कम होता जाएगा. सबसे पहले व्यावसायिक वाहनों से फास्टैग हटेगा. इसके बाद कार और फिर इसके बाद दूसरे वाहनों से इसका इस्तेमाल खत्म हो जाएगा. इसका अर्थ यह हुआ कि सरकार तीन से चार चरणों में फास्टैग को पूरी तरह से खत्म कर देगी.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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