Fact Check: गाड़ी में ज्यादा तेल भरवाने से हो सकता है हादसा ? जानें सच्चाई
Fact Check: पीआईबी ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि इंडियन ऑयल की ओर से चेतावनी भरा एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो फैक्ट चेक में फेक पाया गया है.
Fact Check: गाड़ी में कितना पेट्रोल या डीजल भरवाना चाहिए ? इस सवाल का जवाब सोशल मीडिश पर वायरल हो रहा है जिसपर पीआईबी फैक्ट चेक ने प्रतिक्रिया दी है. जी हां…भारत के ज्यादातर हिस्सों में तेजी से पारा चढ़ा था हालांकि अभी पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश से लोगों को राहत मिली है. तापमान और पेट्रोल का क्या तालमेल है यदि आप ये सोच रहे हैं तो आगे की खबर जरूर पढ़ें. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक ऐसा संदेश वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को चिंता में डाल दिया है.
इंडियल ऑयल की चेतावनी नाम से फैल रहे इस मैसेज की बात करें तो इसमें कहा जा रहा है कि गर्मी के इस मौसम में गाड़ी की टंकी में ज्यादा या पूरी न भरवाएं इससे हादसा होने का खतरा है. सोशल मीडिया खासकर व्हाट्सएप और फेसबुक पर पोस्ट किये जा रहे इस मैसेज में इंडियन ऑयल के हवाले से कहा जा रहा है कि, ‘कृपया आधा टैंक ही भरवाएं…’
आपको जानकर हैरानी होगी कि यह मैसेज पिछले कई सालों से गर्मी के मौसम में सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है जिसपर पीआईबी ने फैक्ट चेक किया है. दो साल पहले भी यह मैसेज इतना वायरल हुआ था कि इंडियन ऑयल को इस फेक मैसेज पर अपना स्पष्टीकरण तक देना पड़ा था. एक प्रेस रिलीज में इंडियन ऑयल ने कहा था कि ऐसा कोई भी बयान इंडियन ऑयल ने जारी नहीं किया है. साथ ही बताया गया है कि सर्दी हो या गर्मी, जितना वाहन निर्माता कंपनी ने बताया है उतना तेल (अधिकतम) भरवाना पूरी तरह सुरक्षित है.
Claim: @IndianOilcl has issued a warning & asked not to fill petrol in your vehicle to the maximum limit #PIBFactCheck
▶️ This claim is #Fake
▶️ It is perfectly safe to fill fuel in vehicles up to the limit(max) as specified by the manufacturer
Read:https://t.co/baFlU5hXHq. pic.twitter.com/MvC6TOdLeO
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) April 25, 2023
पीआईबी ने अपने फैक्ट चेक में कहा है कि इस वायरल मैसेज की सच्चाई यह है कि यह पूरी तरह फेक है इसलिए इस मैसेज को शेयर न करें और न ही इसपर विश्वास करें. पीआईबी ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि इंडियन ऑयल की ओर से चेतावनी भरा एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो फैक्ट चेक में फेक पाया गया है.
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यदि आपके पास में भी कोई इस तरह का मैसेज आता है और आप इसकी सच्चाई के बारे में पता लगाना चाहते हैं तो इस तरीका आसान है. आप पीआईबी के जरिए फैक्ट चेक करा सकते हैं. इसके लिए आपको ऑफिशियल लिंक https://factcheck.pib.gov.in/ पर विजिट करने की जरूरत है. इसके अलावा आप वॉट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail.com पर भी वीडियो भेज सकते हैं.
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लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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