खतरनाक हो सकता है आधार, UAN, PAN की डिटेल सोशल मीडिया पर डालना, EPFO की चेतावनी

London, United KIngdom- February 17, 2014: Social media logos printed onto handmade cubes. Logos include Facebook, linkedin, twitter. Social media uses web and mobile technology to connect people
EPFO latest news, how to alert with cyber criminal एक तो लॉकडाउन की मार उपर से साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाएं. इसकी गंभीरता को समझते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने खाताधारकों को आगाह किया है. दरअसल, इस आर्थिक समस्या में भी साइबर क्रिमनल बाज नहीं आ रहे हैं. वे जालसाजी का नया-नया तरीका निकाल कर लोगों को ठग रहे हैं. जिससे ग्राहकों के सीधे पॉकेट पर असर पड़ रहा है.
EPFO latest news, how to alert with cyber criminal एक तो लॉकडाउन की मार उपर से साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाएं. इसकी गंभीरता को समझते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने खाताधारकों को आगाह किया है. दरअसल, इस आर्थिक समस्या में भी साइबर क्रिमनल बाज नहीं आ रहे हैं. वे जालसाजी का नया-नया तरीका निकाल कर लोगों को ठग रहे हैं. जिससे ग्राहकों के सीधे पॉकेट पर असर पड़ रहा है.
ऐसे में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने लोगों को चेताते हुए कहा कि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने में सावधानी बरतें. और फोन या सोशल मीडिया पर निजी डिटेल्स साझा करने से बचें. EPFO ने यह चेतावनी ट्वीट कर के दी है.
ईपीएफओ ने बताया कि संगठन कभी भी लोगों से फोन या सोशल मीडिया पर आधार, UAN, पैन कार्ड डिटेल और बैंक अकाउंट जैसी निजी जानकारी नहीं मांगता है.
दरअसल, साइबर क्रिमनल लोगों को ईपीएफओ के नाम पर ठग रहे हैं. इन साइबर आपराधियों के जरिये एक कॉल आता है जिसमें ग्राहकों से आधार, UAN, पैन कार्ड डिटेल या बैंक अकाउंट डिटेल मांगा जाता है. और बैंक में रकम जमा करने को भी कहा जाता है. जैसे लोग पैसे डालते हैं या निजी डिटेल शेयर करते हैं. उनके पूरी जमा पूंजी उड़ा लेते है ये ठग.
ईपीएफओ ने इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा है कि यह संगठन लोगों को बैंक में किसी तरह के रकम को जमा करने को नहीं कहता है. इसलिए सभी खाताधारक जालसाजों से सावधान रहें. और किसी अनजान व्यक्ति से डिटेल न शेयर करें.
बैंक भी एकाउंट होल्डरों से साइबर क्राइम से बचने के उपाय को साझा करते रहे हैं. अपने ग्राहकों को कई बार चेतावनी दे चुके हैं. कई बार ऐसा पाया गया है कि फोन, एसएमएस, ईमेल आदि के जरिए लोगों से उनके बैंक खाता, इंटरनेट बैंकिंग यूजर आईडी, पासवर्ड, CVV नंबर, ओटीपी आदि मांग कर ठगी की जाती है.
आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर इन दिनों पीएम केयर फंड के नाम पर भी जालसाजी की जा रही है. ठग पीएम केयर फंड के नाम पर लोगों के भावनाओं में बहा कर कोरोना मदद के लिए अवैध रूप से पैसे वसूल ले रहे हैं. इसके अलावा सोशल मीडिया अकाउंट पर शिकायत करते वक्त बैंकिंग डिटेल्स भी प्रमाण के तौर पर फोटो या डॉक्युमेंट के रूप में शेयर नहीं करें.
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