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ट्रंप से 'तलाक' के बाद हमलावर हुए एलन मस्क, बिल को बेकार कहने पर बिलबिलाया व्हाइट हाउस

Updated at : 04 Jun 2025 5:02 PM (IST)
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Trump vs Musk

Trump vs Musk

Trump vs Musk: एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच सार्वजनिक टकराव सामने आया है. मस्क ने 'बिग ब्यूटीफुल बिल' को "घृणित और शर्मनाक" बताते हुए ट्रंप की आर्थिक नीति की तीखी आलोचना की. उन्होंने बजट घाटे और कांग्रेस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए. ट्रंप ने बिल को अद्भुत करार दिया जबकि विश्लेषकों में मतभेद है.

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Trump vs Musk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ‘तलाक’ (संबंध विच्छेद) होने के बाद टेस्ला के मालिक हमलावर हो गए हैं. एलन मस्क ने पिछले हफ्ते ही डोनाल्ड ट्रंप से ‘तलाक’ लेने का फैसला किया है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से लेकर सरकार बनने तक दोनों की जोरदार जुगलबंदी चल रही थी. एलन मस्क की सरकार में पैठ थी और वे अपने हिसाब से नीतियों को निर्धारित करवाने में अहम भूमिका निभा रहे थे. अब जब उन्होंने ट्रंप से नाता तोड़ लिया है, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पुराना ट्विटर) पर हमले पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं.

एलन मस्क का ट्रंप पर ताबड़तोड़ हमला

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार से अचानक हटने के बाद एलन मस्क ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ खुलेआम मोर्चा खोलते हुए. एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अमेरिकी सरकार के चर्चित ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ को लेकर कड़ा हमला बोला. उन्होंने इसे “बहुत बड़ा, अपमानजनक और पोर्क से भरा खर्च बिल” करार देते हुए तीखी आलोचना की. मस्क ने स्पष्ट लिखा, “इस बिल के पक्ष में वोट देने वालों को शर्म आनी चाहिए. आप जानते हैं, आपने गलत किया.”

मस्क का दो-टूक आरोप

एलन मस्क यहीं नहीं रुके. उन्होंने इस बिल को अमेरिका की आर्थिक तबाही की नींव बताते हुए कहा कि यह “पहले से ही विशाल बजट घाटे को 2.5 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ा देगा.” उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि “कांग्रेस अमेरिका को दिवालिया बना रही है.” रिपोर्ट में कहा गया है कि एलन मस्क ने पूर्व में अमेरिकी सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) की कमान संभाली थी और बजट संतुलन के पक्षधर रहे हैं. अब उनका यह बयान सीधे-सीधे ट्रंप की नीतियों को चुनौती देता दिखाई दे रहा है.

बिल बड़ा हो सकता है या सुंदर, पर दोनों नहीं: मस्क

सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में मस्क ने कहा, “मैं स्पष्ट रूप से निराश हूं. यह बिल बजट घाटा कम नहीं करता, बल्कि उसे और बढ़ाता है.” उन्होंने डीओजीई टीम के प्रयासों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया. एक तीखा तंज कसते हुए मस्क ने जोड़ा, “मुझे लगता है कि कोई बिल बड़ा हो सकता है या यह सुंदर हो सकता है, लेकिन दोनों नहीं.”

मस्क के आरोप पर ट्रंप की सफाई

दूसरी ओर, ट्रंप इस बिल को “अविश्वसनीय” बता रहे हैं. अपने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने दावा किया कि यह बिल “घाटे में कटौती” करेगा और “करों में बड़ी छूट” की राह खोलेगा. उन्होंने आर्थिक सुधार के अपने एजेंडे को दोहराते हुए इसे अमेरिका के लिए “बिल्कुल सही समय” बताया. हालांकि, कार्यक्रम में मौजूद मस्क इस पर चुप रहे, लेकिन सोशल मीडिया पर उनका हमला पहले ही सियासी हलचल मचा चुका था.

विश्लेषक दो खेमों में, देश भर में बहस तेज

इन दोनों के झगड़े के बीच अमेरिका के विश्लेषक दो खेमों में बंट गए हैं. एक ओर जहां रिपब्लिकन राजकोषीय रूढ़िवादी इस विधेयक को लेकर राष्ट्रीय दिवालियापन की चेतावनी दे रहे हैं, वहीं व्हाइट हाउस काउंसिल ऑफ इकोनॉमिक एडवाइजर्स ने इसे आर्थिक विकास के लिए जरूरी बताया है. उनके मुताबिक इससे जीडीपी ग्रोथ 5.2% तक हो सकती है. स्वतंत्र विश्लेषकों की राय इससे अलग है. कुछ स्वतंत्र विश्लेषकों का कहना है कि इस बिल से अगले 10 साल में घाटा 4 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है.

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क्या ट्रंप-मस्क की दोस्ती खत्म?

कभी टेक और पॉलिटिक्स की फ्रंटलाइन जोड़ी माने जाने वाले ट्रंप और मस्क अब सार्वजनिक रूप से आमने-सामने हैं. इस तकरार ने सिर्फ अमेरिकी राजनीति में हलचल नहीं मचाई है, बल्कि यह संकेत भी दे दिया है कि 2024-25 की सत्ता और नीति की लड़ाई में “बिजनेस बनाम पॉलिटिक्स” का नया अध्याय शुरू हो चुका है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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