अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में फिर गिरावट, ईरान से कारोबार की जांच बनी बड़ी वजह

Adani Group
Adani Group: अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में फिर गिरावट दर्ज की गई है, जिसकी वजह ईरान से व्यापार को लेकर अमेरिकी जांच की रिपोर्ट बताई जा रही है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ी है. अदाणी ग्रुप ने इसे निराधार बताया है, लेकिन बाजार में नकारात्मक असर देखने को मिला. अगर जांच की पुष्टि होती है, तो यह ग्रुप के लिए गंभीर कानूनी और कारोबारी संकट का कारण बन सकता है.
Adani Group: अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को एक बार फिर गिरावट आई है. यह गिरावट वॉल स्ट्रीट जर्नल की उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिकी अभियोजक इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या अदाणी ग्रुप की कंपनियों ने गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट के जरिए प्रतिबंधित ईरानी एलपीजी का आयात किया है? इस रिपोर्ट से निवेशकों की चिंता बढ़ी और शेयर बाजार में इसका सीधा असर देखने को मिला.
शेयर बाजार में गिरावट की स्थिति
रिपोर्ट के बाद अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर मंगलवार को 2.2% की गिरावट के साथ खुले और 1.89% की गिरावट के साथ बंद हुए. वहीं, अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में 2.32% की गिरावट दर्ज की गई. ग्रुप की दूसरी कंपनियों में अदाणी टोटल गैस, अदाणी पावर, अदाणी ग्रीन और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में भी 1% से 2% के बीच गिरावट देखने को मिली. भारत का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 भी 0.4% नीचे बंद हुआ, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स सबसे अधिक नुकसान में रहे.
अदाणी ग्रुप की सफाई
इस मामले पर अदाणी ग्रुप की ओर से बयान जारी किया गया, जिसमें वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को “आधारहीन और शरारतपूर्ण” बताया गया. प्रवक्ता ने कहा, “हम इस विषय पर अमेरिकी अधिकारियों की ओर से किसी भी जांच की जानकारी नहीं रखते.” हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग और ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
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2025 में अब तक लाभ में रहे अदाणी ग्रुप के शेयर
हालांकि, साल 2025 की शुरुआत से अब तक अदाणी पोर्ट्स समूह की सबसे लाभकारी कंपनी रही है, जिसमें 16% की बढ़त देखी गई है. दूसरी ओर, अदाणी टोटल गैस अब तक 11% की गिरावट के साथ सबसे अधिक नुकसान में रही है. ईरान से व्यापारिक संबंधों की संभावित जांच ने अदाणी ग्रुप की छवि पर असर डाला है. हालांकि, कंपनी ने रिपोर्ट को गलत बताया है. फिर भी बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही है. यदि जांच की पुष्टि होती है, तो यह समूह के लिए बड़े कानूनी और कारोबारी संकट का संकेत हो सकता है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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