केंद्रीय कर्मचारियों को दशहरा की सौगात, मोदी सरकार देगी 30 दिन का बोनस! जानें किसे मिलेगा फायदा

Updated at : 30 Sep 2025 5:01 PM (IST)
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Central government employees bonus

मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बोनस का ऐलान किया.

Bonus: दशहरे से पहले मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफ़ा दिया है. सरकार ने ग्रुप सी और गैर-राजपत्रित ग्रुप बी कर्मचारियों को 30 दिन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने का ऐलान किया है. वित्त मंत्रालय ने 2024-25 के लिए बोनस राशि 6,908 रुपये तय की है. इसका लाभ सीएपीएफ, अर्धसैनिक बलों, एड-हॉक और कैजुअल लेबरर्स तक को मिलेगा. यह फैसला लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए खुशी और राहत लेकर आया है.

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Bonus: त्योहारी सीजन के दौरान केंद्र की मोदी सरकार ने अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों को दशहरा की सौगात दी है. सरकार ने ग्रुप सी और गैर-राजपत्रित ग्रुप बी के कर्मचारियों को 30 दिन की सैलरी के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जाएगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाला यह बोनस 2024-25 के लिए तय किया गया है और इसकी राशि 6,908 रुपये होगी.

किसे होगा फायदा

सोमवार को वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए एक के अनुसार, बोनस उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक सेवा की है और लगातार कम से कम छह महीने नौकरी की हो. यदि कोई कर्मचारी पूरा साल सेवा में नहीं रहा है, तो उसे प्रो-राटा आधार पर बोनस दिया जाएगा. मतलब, जितने महीने नौकरी की है, उसके हिसाब से बोनस की गणना होगी. बोनस की राशि निकटतम रुपये तक राउंड की जाएगी.

सीएपीएफ और अर्धसैनिक बलों को भी लाभ

इस बोनस योजना का फायदा केवल केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में काम करने वालों तक सीमित नहीं रहेगा. केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीएपीएफ) और सशस्त्र बलों के पात्र कर्मचारियों को भी यह लाभ मिलेगा. इसके अलावा, वे कर्मचारी जो केंद्र सरकार के पे स्ट्रक्चर पर काम कर रहे हैं और किसी अन्य प्रकार के बोनस या एक्स-ग्रेशिया पाने के पात्र नहीं हैं, उन्हें भी यह बोनस दिया जाएगा.

एड-हॉक और कैजुअल लेबरर्स को भी बोनस

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल स्थायी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि कुछ अस्थायी कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा. एड-हॉक कर्मचारी जिनकी सेवा में कोई बाधा नहीं रही है, उन्हें भी बोनस दिया जाएगा. वहीं, कैजुअल लेबरर्स जिन्होंने पिछले तीन सालों में निर्धारित दिनों तक काम किया है, उन्हें भी बोनस मिलेगा. इन श्रमिकों के लिए बोनस की राशि 1,184 रुपये तय की गई है.

रिटायर, इस्तीफा देने वाले और निधन हो चुके कर्मचारी

बोनस नियमों में यह भी कहा गया है कि जो कर्मचारी 31 मार्च 2025 से पहले रिटायर हो गए हैं, इस्तीफा दे चुके हैं या जिनका निधन हो गया है, उनमें से केवल वे ही पात्र होंगे जिन्होंने कम से कम छह महीने की सेवा की है. अगर सेवा छह महीने से कम रही है, तो वे इस लाभ से बाहर रहेंगे. डेप्युटेशन पर अन्य संगठनों में काम कर रहे कर्मचारियों को बोनस उनकी मौजूदा संस्था से मिलेगा.

बोनस की गणना कैसे होगी?

बोनस की गणना सरकार ने एक तय फॉर्मूले से की है. इसमें अधिकतम मासिक वेतन 7,000 रुपये पर आधारित गणना होगी. उदाहरण के लिए, 7,000 ×30÷30.4= 6,907.89 रुपये है, जिसे राउंड करके 6,908 रुपये कर दिया गया है. यह राशि एक समान रूप से सभी पात्र कर्मचारियों को मिलेगी.

क्यों खास है यह बोनस?

सरकार का यह फैसला फेस्टिव सीजन में लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा. कर्मचारियों को एकमुश्त राशि मिलने से त्योहारों के समय अतिरिक्त खर्च पूरा करना आसान होगा. यह बोनस न केवल कर्मचारियों की जेब को राहत देगा, बल्कि बाजार में भी मांग को बढ़ावा देगा. दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान अतिरिक्त आय से परिवारों में खुशी और उत्साह का माहौल बनेगा.

कितने कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस फैसले से लाखों केंद्रीय कर्मचारी और सुरक्षा बलों के जवान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे. इससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और त्योहारों के दौरान खपत में उछाल देखने को मिल सकता है. खासकर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के कर्मचारियों के लिए यह रकम काफी सहारा साबित होगी.

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केंद्रीय कर्मचारियों को दशहरा का तोहफा

मोदी सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के लिए दशहरे का तोहफ़ा है. प्रोडक्ट लिंक्ड बोनस से न केवल कर्मचारियों की जेब मजबूत होगी, बल्कि त्योहारों में उनके परिवारों की खुशियां भी दोगुनी होंगी. इससे सरकार और कर्मचारियों के बीच भरोसे का रिश्ता और मजबूत होगा.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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