टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत, जांच के दौरान गैर जरूरी सवाल नहीं पूछेंगे आईटी अफसर

CBDT Directions
CBDT Directions: सीबीडीटी ने आयकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान करदाताओं से प्रासंगिक और विशिष्ट प्रश्न ही पूछे जाएं. नए निर्देशों के अनुसार, फेसलेस असेसमेंट प्रक्रिया में अब अटपटे या अप्रासंगिक सवालों से बचा जाएगा. क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थों की निगरानी करने और हर महीने समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं. यह कदम करदाताओं को राहत देने और आयकर मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने की दिशा में उठाया गया है.
CBDT Directions: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे करदाताओं की जांच या मूल्यांकन के दौरान भेजे गए नोटिस में ‘उचित सोच’ और ‘विवेक’ का इस्तेमाल करें। सभी प्रश्न ‘प्रासंगिक’ और ‘विशिष्ट’ होने चाहिए, ताकि करदाताओं को बेवजह परेशान न किया जाए.
फेसलेस असेसिंग ऑफिसर पर विशेष जिम्मेदारी
सीबीडीटी के चेयरमैन रवि अग्रवाल के कार्यालय से क्षेत्रीय प्रमुखों (पीसीसीआईटी) को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि फेसलेस असेसिंग ऑफिसर (एफएओ) द्वारा पूछे गए सवालों को संबंधित केस की परिस्थिति के अनुसार होना चाहिए. मूल्यांकन इकाई प्रमुख (अतिरिक्त या संयुक्त आयुक्त) को इन नोटिसों की गुणवत्ता के लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है.
‘अटपटे’ और ‘अप्रासंगिक’ प्रश्नों पर रोक
सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि आयकर अधिकारियों को ऐसे कोई प्रश्न नहीं पूछने चाहिए, जो अप्रासंगिक हों या करदाता के मामले से संबंधित न हों. पर्यवेक्षी अधिकारियों से आग्रह किया गया है कि वे इस बात की निगरानी करें कि मूल्यांकन अधिकारी जांच के चयन मानदंडों के तहत ही सवाल पूछें.
प्रश्नों में हो स्पष्टता और कर कानूनों पर आधारित सोच
बोर्ड ने यह भी कहा है कि कर निर्धारण अधिकारी द्वारा पूछे गए सवाल प्रत्यक्ष कर कानून और नियमों पर आधारित हों और उसमें स्पष्ट सोच दिखाई दे. इस पहल का उद्देश्य करदाताओं को परेशान किए बिना सटीक और आवश्यक जानकारी प्राप्त करना है.
नियमित समीक्षा और अनुपालन की रिपोर्ट अनिवार्य
सीबीडीटी ने पीसीसीआईटी को निर्देश दिया है कि वे कर अधिकारियों के साथ नियमित बैठक करें, इन निर्देशों की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि दिशानिर्देशों का पालन हो रहा है. साथ ही, मूल्यांकन आदेशों की गुणवत्ता पर हर महीने रिपोर्ट भी भेजी जाए.
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वर्ष 2025-26 के लिए जारी किए गए जांच मानदंड
सीबीडीटी ने 13 जून को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न की पूर्ण जांच के लिए अनिवार्य चयन से जुड़े वार्षिक दिशानिर्देश और प्रक्रिया भी जारी की है. यह कदम कर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में उठाया गया है, जिससे ईमानदार टैक्सपेयर्स को राहत मिल सके.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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