BYJU’S का खेल अभी खत्म नहीं, फाउंडर का ऐलान ‘पुराने BYJUites को वापस बुलाऊंगा’

Byju Raveendran
Byju Raveendran: बायजू रविंद्रन ने हाल ही में X पर मार्च 2025 में अपना अकाउंट बनाया और अपनी कंपनी की 20 साल की यात्रा को बयां किया. उन्होंने कहा, “कुछ भी उतना अच्छा नहीं होता जितना लगता है और न ही उतना बुरा, जितना लोग दिखाते हैं.
Byju Raveendran: Byju’s, जो एक समय $22 बिलियन (लगभग 1.83 लाख करोड़ रुपये) की वैल्यूएशन पर खड़ा था, अब आर्थिक संकट, रेगुलेटरी दिक्कतों और इन्वेस्टर्स के साथ कानूनी झगड़ों में फंस चुका है. कंपनी के फाउंडर बायजू रविंद्रन का कहना है कि ये मुश्किलें उनका भविष्य तय नहीं करेंगी. उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर लिखा, “Broke, not broken. We will rise again!” (मतलब, पैसे भले खत्म हो गए हों, लेकिन हौसला नहीं टूटा!)
Broke, not Broken. We will rise again. pic.twitter.com/dAekepwCtf
— Byju Raveendran (@ByjuofBYJUS) March 30, 2025
20 साल का सफर
बायजू रविंद्रन ने हाल ही में X पर मार्च 2025 में अपना अकाउंट बनाया और अपनी कंपनी की 20 साल की यात्रा को बयां किया. उन्होंने कहा, “कुछ भी उतना अच्छा नहीं होता जितना लगता है और न ही उतना बुरा, जितना लोग दिखाते हैं. सच हमेशा बीच में होता है. मैं अब बिना किसी फिल्टर के सिर्फ सच बोलूंगा”
कंपनी के पतन की वजहें
Byju’s को बर्बादी की कगार पर पहुंचाने वाली कुछ अहम वजहें थीं:
- बढ़ता कर्ज – इन्वेस्टर्स से लिए गए अरबों रुपये का सही इस्तेमाल नहीं हुआ.
- गलत बिजनेस फैसले – कंपनी ने Aakash और Great Learning जैसी कंपनियों को खरीदने में भारी रकम लगाई, जिससे फाइनेंशियल क्राइसिस बढ़ गई.
- रेगुलेटरी परेशानियां – सरकार की सख्ती और इन्वेस्टर्स के साथ विवादों ने हालात बिगाड़े.
- कर्मचारियों की छंटनी – हजारों लोगों को नौकरी से निकालना पड़ा, जिससे माहौल और खराब हुआ.
2.15 लाख फ्रेशर्स को नौकरी देने वाली कंपनी
Byju’s ने पिछले 9 सालों में 2,15,000 फ्रेश ग्रेजुएट्स को नौकरी दी थी, जिसमें हर किसी को कम से कम 6 लाख रुपये की फिक्स सैलरी ऑफर की गई, भले ही उनके पास अनुभव हो या न हो. बायजू का कहना है कि, “Byju’s इन नए ग्रैजुएट्स की मेहनत से खड़ा हुआ. इनकी जीरो एक्सपीरियंस, बेमिसाल टैलेंट और अनलिमिटेड एनर्जी ने इसे बनाया. कई लोग बाद में एंटरप्रेन्योर बने, नौकरियां दीं, और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दिया.”
फिर होगी पुरानी टीम की बहाली
बायजू ने साफ किया कि कंपनी की जबरदस्त वापसी होगी और पुरानी टीम को फिर से नौकरी दी जाएगी. उन्होंने कहा, “जब हम अपनी कंपनी को दोबारा लॉन्च करेंगे—जो मेरी उम्मीद से जल्दी होगा—तब हम सिर्फ अपने पुराने BYJUites को ही वापस लाएंगे”
दुबई जाने पर उठे सवाल, बायजू ने दिया जवाब
बायजू रविंद्रन पिछले कई महीनों से भारत से बाहर, दुबई में हैं, जिससे इन्वेस्टर्स और मीडिया में कई सवाल उठने लगे. क्या वो भारत से भाग गए? अक्टूबर 2024 में बायजू ने मीडिया से बातचीत में सफाई दी. उन्होंने कहा, “लोग सोचते हैं कि मैं दुबई इसलिए गया क्योंकि मुझे भागना था… लेकिन सच ये है कि मैं अपने पापा के इलाज के लिए वहां गया था और तब से यहीं हूं. मैं भागा नहीं हूं.”
इन्वेस्टर्स को बताया गिरावट का जिम्मेदार
बायजू ने इन्वेस्टर्स पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कंपनी की मौजूदा हालत के लिए वे काफी हद तक जिम्मेदार हैं. “इन्वेस्टर्स ने हमें सपोर्ट करने की बजाय हमें कानूनी झगड़ों में उलझा दिया. लेकिन मैं हिम्मत नहीं हारूंगा.”
क्या Byju’s फिर उठ पाएगा?
Byju’s, जो एक समय $22 बिलियन (लगभग 1.83 लाख करोड़ रुपये) की वैल्यूएशन पर खड़ा था, अब आर्थिक संकट, रेगुलेटरी दिक्कतों और इन्वेस्टर्स के साथ कानूनी झगड़ों में फंस चुका है. कंपनी के फाउंडर बायजू रविंद्रन का कहना है कि ये मुश्किलें उनका भविष्य तय नहीं करेंगी. उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर लिखा, “Broke, not broken. We will rise again!” (मतलब, पैसे भले खत्म हो गए हों, लेकिन हौसला नहीं टूटा!)
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लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
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