Budget 2026: क्या बढ़ेगी पीएम किसान सम्मान निधि की राशि? वित्त मंत्री से है किसानों को बहुत उम्मीद
पीएम किसान सम्मान निधि (File Photo)
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्र सरकार का बजट पेश करेंगी. बजट में पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर किसानों के लिए कोई बड़ी घोषणा हो सकती है.
Budget 2026: केंद्रीय बजट से किसानों को कई उम्मीदें हैं. कृषि विकास को लेकर उनकी प्रमुख मांगों में खाद और बीज की बेहतर उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा देना और पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि बढ़ाना शामिल है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को पेश किया. इसमें उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक देश के 11 करोड़ किसानों को 4.09 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की मदद दी जा चुकी है. सरकार का मकसद किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.
क्या बढ़ेगी पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि?
पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर बजट से किसानों को काफी उम्मीद है. माना जा रहा है कि केंद्रीय बजट 2026 में किसानों को इस योजना के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाई जा सकती है. वर्तमान में इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की मदद मिलती है. यह तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है. लेकिन महंगाई बढ़ने और खेती की लागत ज्यादा होने के कारण किसान संगठन इस राशि को अब कम मानते हैं.
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पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि क्यों बढ़ने की है उम्मीद?
पिछले कुछ सालों में खेती का खर्च तेजी से बढ़ा है. बीज, खाद, कीटनाशक के अलावा डीजल, बिजली, सिंचाई और कृषि मशीनरी सब कुछ महंगा हो गया है. ऐसे में छोटे और सीमांत किसानों के लिए सालाना 6,000 रुपये की मदद काफी कम है. इसी वजह से बजट 2026 में पीएम किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने की मांग तेज हो गई है.
विकसित भारत बनाने में कृषि क्षेत्र की होगी बड़ी भूमिका
भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने में कृषि क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी. हालांकि हाल के वर्षों में इस क्षेत्र को स्थिरता और उत्पादन बढ़ाने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. यह बात संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में कही गई. कृषि और उससे जुड़े काम देश की कुल आमदनी में करीब पांचवां हिस्सा देती हैं, लेकिन देश की लगभग आधी आबादी रोजगार के लिए इसी पर निर्भर है. इसलिए खेती देश की तरक्की की राह का अहम हिस्सा है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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