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प्याज के निर्यात पर रोक : पश्चिम बंगाल की सीमाओं पर खड़े ट्रकों को मिली बांग्लादेश जाने अनुमति, कर्नाटक के किसान इंतजार में...

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प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध के बीच आंशिक छूट.
प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध के बीच आंशिक छूट.
प्रतीकात्मक फोटो.

कोलकाता/नयी दिल्ली : केंद्र सरकार की ओर से प्याज की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए उसके निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से पश्चिम बंगाल में सीमाओं पर फंसे प्याज से लदे सैकड़ों ट्रकों में से कुछ को शनिवार को भारत-बांग्लादेश सीमा पार करने की अनुमति दे दी गयी. केंद्र द्वारा प्याज के निर्यात पर रोक की वजह से ये ट्रक विभिन्न बंदरगाहों पर फंसे हैं. हालांकि, कर्नाटक के प्याज उत्पादक किसानों को केंद्र सरकार से 'बेंगलुरु रोज' किस्म के 10 हजार टन प्याज के निर्यात को अनुमति मिलने का अब भी इंतजार है. कर्नाटक के किसानों ने शनिवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि उपज को नुकसान से बचाने के लिए 'बेंगलुरु रोज' किस्म के प्याज के निर्यात को अनुमति दी जाए.

अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने 14 सितंबर तक आवश्यक सीमा शुल्क मंजूरी वाले पश्चिम बंगाल की सीमाओं पर खड़े ट्रकों को पड़ोसी देश जाने की अनुमति दे दी है. अधिकारियों ने बताया कि मालदा जिले में महादिपुर भूमि बंदरगाह पर सिर्फ आठ ट्रकों को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार जाने की अनुमति दी गयी. वहीं, उत्तरी 24 परगना के गोजडांगा में 25 ट्रक बांग्लादेश जाने की प्रक्रिया में हैं. एक अधिकारी ने बताया कि पेट्रापोल इंटिग्रेटेड चेकपोस्ट (आईसीपी) पर किसी ट्रक को पड़ोसी देश जाने की अनुमति नहीं मिली.

उधर, घरेलू बाजारों में मूल्यवृद्धि को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद कर्नाटक के किसानों ने शनिवार को केंद्र से आग्रह किया कि उपज को नुकसान से बचाने के लिए 'बेंगलुरु रोज' किस्म के 10 हजार टन प्याज के निर्यात को अनुमति दी जाए.

कर्नाटक के कोलार सीट से भाजपा के लोकसभा सदस्य एस मुनीस्वामी के नेतृत्व में 'गुलाब किस्म' वाले प्याज के उत्पादकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय रासायनिक एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा से नयी दिल्ली में मुलाकात की और उनसे तत्काल केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रियों के साथ इस मामले को उठाने का अनुरोध किया.

गौड़ा के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि सदानंद गौड़ा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह किसानों की चिंता पर चर्चा करेंगे और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री तथा कृषि मंत्री को इस संबंध में एक पत्र लिखेंगे. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बेंगलुरु ग्रामीण, कोलार और चिक्काबल्लापुर जिलों में किसानों ने इस साल प्याज की इस किस्म के 10,000 टन से अधिक का उत्पादन किया है.

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह किस्म दक्षिण पूर्व एशियाई देशों जैसे मलेशिया, सिंगापुर, थाइलैंड और ताइवान को निर्यात की जा रही है, क्योंकि घरेलू बाजार में इसकी ज्यादा मांग नहीं है.

Posted By : Vishwat Sen

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