अब बंगाल में भी चलेगा आयुष्मान कार्ड, ₹5 लाख तक का इलाज एकदम फ्री
Published by : Soumya Shahdeo Updated At : 14 May 2026 7:06 AM
Ayushman Bharat in West Bengal (Photo: ANI)
Ayushman Bharat in West Bengal: पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना शुरू हो गई है, जिसके तहत अब हर पात्र परिवार को सालाना ₹5 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज सरकारी व निजी अस्पतालों में मिलेगा.
Ayushman Bharat in West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति और स्वास्थ्य व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. राज्य की नई भाजपा सरकार ने केंद्र सरकार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत’ (AB-PMJAY) को बंगाल में लागू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगा दी. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘डबल इंजन सरकार’ का फायदा बताया है.
क्या है आयुष्मान भारत और आपको क्या मिलेगा?
आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है. इसके तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस (बिना पैसे दिए) इलाज मिलता है. यह पैसा सरकारी या योजना से जुड़े प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती होने पर खर्च किया जा सकता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि गंभीर बीमारी की स्थिति में गरीब परिवारों को कर्ज नहीं लेना पड़ेगा.
किसे मिलेगा इस योजना का फायदा?
बंगाल में इस योजना के लागू होने के बाद पात्रता के नियम केंद्र सरकार के मापदंडों के अनुसार होंगे:
- गरीब परिवार: जिनका नाम सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) के डेटा में शामिल है.
- वंचित वर्ग: आर्थिक रूप से कमजोर और सरकार द्वारा तय किए गए मापदंडों में आने वाले लोग.
- बुजुर्गों को विशेष तोहफा: 70 साल या उससे अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को इस योजना का लाभ मिलेगा, चाहे उनकी आय कितनी भी हो.
- सालाना मदद: हर पात्र परिवार को साल में ₹5 लाख तक की कवरेज मिलेगी.
कार्ड बनवाने के लिए क्या करना होगा?
योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया बहुत ही सरल रखी गई है. बंगाल के निवासी इन तरीकों से अपनी पात्रता चेक कर सकते हैं और कार्ड बनवा सकते हैं:
- ऑटोमैटिक लिस्ट: SECC डेटा में शामिल लोगों का नाम लिस्ट में पहले से ही होता है, उन्हें अलग से आवेदन की जरूरत नहीं पड़ती.
- आधार कार्ड है जरूरी: अपनी पहचान साबित करने के लिए लाभार्थी के पास [आधार कार्ड संख्या संशोधित] से जुड़ा वेरिफिकेशन होना अनिवार्य है.
- अस्पताल में मदद: योजना से जुड़े अस्पतालों या सरकारी कियोस्क पर जाकर पात्रता की जांच कराई जा सकती है.
- आयुष्मान कार्ड: वेरिफिकेशन के बाद एक ‘आयुष्मान कार्ड’ जारी किया जाएगा, जिसे दिखाकर अस्पताल में मुफ्त इलाज लिया जा सकेगा.
बंगाल के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
अब तक बंगाल में राज्य की अपनी स्वास्थ्य योजना चल रही थी, लेकिन आयुष्मान भारत के आने से अब बंगाल के लोग राज्य के बाहर भी देश के किसी भी बड़े सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करा सकेंगे. सरकार का लक्ष्य है कि बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाएं. जल्द ही राज्य स्तर पर लाभार्थियों की फाइनल लिस्ट जारी कर दी जाएगी.
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By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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