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अमेरिका-चीन के ट्रेड वॉर से भारत के एक्सपोर्टर्स को हो सकता है फायदा, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Updated at : 11 Oct 2025 9:43 PM (IST)
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America-China Trade War

America-China Trade War

America-China Trade War: अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर से भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं. अमेरिका की ओर से चीनी वस्तुओं पर 100% अतिरिक्त टैरिफ लगाने के बाद भारतीय एक्सपोर्टर्स को अमेरिकी बाजार में बढ़त मिल सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, कपड़ा और खिलौना उद्योग को इससे बड़ा लाभ होगा. भारत ने 2024-25 में अमेरिका को 86 अरब डॉलर का निर्यात किया है, जो इस नई स्थिति में और बढ़ सकता है.

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America-China Trade War: अमेरिका ने चीन से आयातित सामानों पर 100% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर से भारत के एक्सपोर्टर्स के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी बाजार में चीन की हिस्सेदारी घटने से भारत अपने निर्यात में जोरदार तरीके से बढ़ोतरी कर सकता है.

अमेरिका ने चीनी वस्तुओं पर लगाया 100% अतिरिक्त शुल्क

अमेरिका ने एक नवंबर, 2025 से चीन से आयातित वस्तुओं पर 100% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है. दससे कुल शुल्क दर लगभग 130% हो जाएगी. यह फैसला बीजिंग की ओर से 9 अक्टूबर, 2025 को दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर लगाए गए सख्त नियमों के जवाब में लिया गया है.

भारतीय निर्यातकों को मिल सकता है बड़ा लाभ

भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फिओ) के अध्यक्ष एससी रल्हन के अनुसार, चीन पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ से अमेरिकी मांग भारत की ओर शिफ्ट हो सकती है. भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में अमेरिका को 86 अरब डॉलर के सामान निर्यात किए हैं, जो इस नए कर नीति से और बढ़ सकते हैं.

कपड़ा और खिलौना उद्योग को मिल सकती है बढ़त

कपड़ा निर्यातक और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि चीन पर अधिक शुल्क लगने से भारत के लिए अमेरिकी बाजार में नए मौके खुलेंगे. खिलौना निर्यातक मनु गुप्ता ने भी कहा कि भारी टैरिफ से भारतीय उत्पादों को “लेवल प्लेइंग फील्ड” मिलेगा. इससे भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी खरीदारों को आकर्षित करना आसान होगा.

भारत के उत्पाद होंगे आकर्षक

चीन से आयात पर अधिक शुल्क लगाने से वहां के उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे, जिससे वे कम प्रतिस्पर्धी साबित होंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि यह भारत जैसे देशों के लिए “स्ट्रैटेजिक विंडो ऑफ अपॉर्च्युनिटी” है, जहां कम लागत और गुणवत्ता संतुलन के कारण निर्यात क्षमता बढ़ सकती है.

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भारत के लिए सही समय, सही दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेड वॉर ने भारत को निर्यात में अपनी स्थिति मजबूत करने का एक ऐतिहासिक अवसर दिया है. अगर भारत सरकार लॉजिस्टिक्स, निर्यात प्रोत्साहन और व्यापार नीति को और सशक्त बनाती है, तो यह अवसर लंबे समय तक लाभदायक रह सकता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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