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आरबीआई की रेट कटौती से अफोर्डेबल हाउसिंग में आएगा बूम, टैक्स छूट में राहत! जानें कैसे?

Updated at : 07 Feb 2025 7:16 PM (IST)
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Affordable housing

आरबीआई के कदम से सस्ते घर मिलेंगे.

RBI Repo Rate Cut: आरबीआई की रेपो रेट कटौती भारतीय अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है. इससे होम लोन दरें कम हो सकती हैं, जिससे किफायती आवास क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा. साथ ही, कर छूट में दी गई राहत से आम लोगों की खरीद क्षमता मजबूत होगी.

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RBI Repo Rate Cut: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो दर में 25 आधार अंक (bps) या 0.25% कटौती करने की घोषणा की है, जिससे किफायती आवास (Affordable Housing) क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है.

अफोर्डेबल हाउसिंग को कैसे मिलेगा फायदा?

रियल एस्टेट बिजनेस लीडर निरंजन हीरानंदानी के अनुसार, आरबीआई की ब्याज दरों में कमी से किफायती आवास क्षेत्र को दोबारा गति मिलेगी. उन्होंने कहा, “पिछले एक-डेढ़ साल में उच्च ब्याज दरों के कारण किफायती आवास क्षेत्र प्रभावित हुआ था. अब, रेपो दर में कटौती से इस सेक्टर को नई ऊंचाई पर ले जाने का अवसर मिलेगा.”

कर छूट में राहत, आर्थिक विकास को बढ़ावा

बजट में टैक्स छूट सीमा बढ़ाने के निर्णय की सराहना करते हुए हीरानंदानी ने इसे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक बड़ा बढ़ावा बताया. उन्होंने कहा कि इस नीति परिवर्तन से न केवल आवासीय परियोजनाओं की मांग बढ़ेगी, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी.

रेपो रेट कटौती आर्थिक विकास के लिए क्रांतिकारी कदम

हीरानंदानी ने मुद्रास्फीति नियंत्रण और रेपो दर में कटौती के संयोजन को अतिरिक्त प्रोत्साहन करार दिया. उन्होंने कहा, “अर्थव्यवस्था को 7-8% विकास दर तक ले जाना आवश्यक है, और यह रेपो कटौती उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है.”

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क्या होगा होम लोन पर असर?

एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने आरबीआई की नीति को समय पर और प्रासंगिक बताया. उन्होंने कहा कि यह कटौती सस्ती होम लोन दरों की संभावना को बढ़ाएगी, जिससे आम जनता को फायदा होगा. आरबीआई की रेपो रेट कटौती भारतीय अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है. इससे होम लोन दरें कम हो सकती हैं, जिससे किफायती आवास क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा. साथ ही, कर छूट में दी गई राहत से आम लोगों की खरीद क्षमता मजबूत होगी.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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