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2016 में दिल्ली से थाइलैंड की यात्रा सड़क मार्ग से संभव: गडकरी

Updated at : 20 Dec 2015 10:11 PM (IST)
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2016 में दिल्ली से थाइलैंड की यात्रा सड़क मार्ग से संभव: गडकरी

नयी दिल्ली: केंद्रीय सडक परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का मानना है कि भारत व थाइलैंड को सडक मार्ग के जरिए भी जोडा जा सकता है. यही नहीं, उनको भरोसा है कि 4000 किलोमीटर से अधिक लंबी सडक के सपने को नये साल यानी 2016 में जमीन पर उतारा जा सकता है. गडकरी ने […]

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नयी दिल्ली: केंद्रीय सडक परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का मानना है कि भारत व थाइलैंड को सडक मार्ग के जरिए भी जोडा जा सकता है. यही नहीं, उनको भरोसा है कि 4000 किलोमीटर से अधिक लंबी सडक के सपने को नये साल यानी 2016 में जमीन पर उतारा जा सकता है.

गडकरी ने कहा,‘ मैं खाली शब्दों में विश्वास नहीं करता.मैं जो कहता हूं करता हूं. ‘ नये साल के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय करते हुए उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अब सडक निर्माण क्षमता को 100 किलोमीटर प्रतिदिन की उंचाई पर ले जाना है. गडकरी ने बीते साल देश में सडकों के जाल को और गहरा करने तथा बाधाओं को दूर करने के लिए अनेक कदम उठाए.
मंत्री ने कहा, ‘हम इस समय 18 किलोमीटर प्रतिदिन की गति से सडक बना रहे हैं जबकि पूर्ववर्ती सरकार में यह गति केवल दो किलोमीटर प्रतिदिन थी.’ गडकरी ने इसी साल के शुरु में सडक निर्माण क्षमता के लिए 30 किलोमीटर प्रतिदिन का लक्ष्य रखा था.
उन्होंने कहा,‘ हम 30 किलोमीटर प्रतिदिन सडक निर्माण के अपने पूर्व घोषित लक्ष्य को मार्च 2016 तक हासिल कर लेंगे. ‘ मंत्री ने कहा,‘ जिस तरह से आप दिल्ली से मुंबई तक कार में यात्रा करते हैं, उसी तरह आप थाइलैंड पहुंच सकेंगे. उम्मीद है कि यह अगले साल तक संभव होगा। यह एक क्रांतिकारी काम है… लोग अभी विश्वास नहीं करेंगे. ‘
साल 2015 के दौरान सडक व राजमार्ग क्षेत्र के विभिन्न मोर्चों में प्रगति का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि लाखों करोड रुपये की परियोजनाओं का काम पूरा हो रहा है. उन्होंने कहा,‘ भारत व इसके भीड भाड वाले शहरों, कस्बों व गांवों में से वाहन चलाना एक आनंददायी या राहत भरा होगा. आप अधिक बडी, अधिक चौडी व अच्छी सडकों के जरिए केवल भूटान या म्यांमार ही नहीं पहुंच सकते बल्कि ईरान में चाबहार सौदा सिरे चढने पर आप… भारत से चाबहार पहुंचने के बाद ईरान तथा अफगानिस्तान के जरिए रुस व यूरोप भी सडक मार्ग से घूम सकेंगे. ‘
उन्होंने कहा,‘ यह एक सपना है जिसमें सरकार लाखों करोड रुपये लगाना चाहती है. ‘ गडकरी ने कहा,‘ कुछ भी असंभव नहीं है. ‘ उल्लेखनीय है कि गडकरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वाकांक्षी ‘ प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना‘ परियोजना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है. केंद्र में आने से पहले उन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेस तथा अनेक फ्लाईओवर बनाने बडी भूमिका निभाई जिस कारण उन्हें ‘फ्लाईओवर मैन फ्राम महाराष्ट्र’ भी कहा जाता है.
उन्होंने कहा,‘ भारत-म्यांमार-थाइलैंड (आईएमटी) के बीच त्रिपक्षीय समझौता मार्च 2016 तक हो सकता है.’ उन्होंने कहा कि यात्री सेवाओं के लिए 14 मार्गों तथा माल ढुलाई के लिए सात मार्गों के चिन्हित किए जाने के साथ ही बांग्लादेश, भूटान, भारत व नेपाल (बीबीआईएन) के बीच महत्वपूर्ण वाहन समझौते पर पहले ही हस्ताक्षर किए जा चुके हैं.
गडकरी ने कहा,‘ एडीबी के धन के साथ आठ अरब डालर की सडक संपर्क बीबीआईएन परियोजना पर काम शीघ्र ही पूरा होने की उम्मीद है. ‘ उन्होंने कहा कि बीबीआईएन व आईएमटी के परिचालन में आने के साथ ही दक्षेस तथा आसियान देशों के बीच वाहनों का सुगम परिचालन वास्तवकिता बन जाएगा. और ‘मुझे उम्मीद है कि यह जल्द ही होगा
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