ढांचागत परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए मुद्दों को जल्द सुलझाएं : मोदी

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए धन अब कोई समस्या नहीं है. उन्‍होंने इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए अंतर विभागीय व केंद्र व राज्‍यों के बीच मुद्दों को तेजी से निपटाने को कहा है. मोदी ने आज यहां […]

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए धन अब कोई समस्या नहीं है. उन्‍होंने इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए अंतर विभागीय व केंद्र व राज्‍यों के बीच मुद्दों को तेजी से निपटाने को कहा है. मोदी ने आज यहां विभिन्न बुनियादी ढांचा मंत्रालयों और विभागों की कार्य समीक्षा बैठक में देश में सौर ऊर्जा सहित देश में विद्युतीकरण की रफ्तार बढाने पर जोर दिया.

इसके अलावा उन्‍होंने विकास के लिए रेलवे को तटीय नेटवर्क के साथ जोडने पर जोर दिया. बैठक में बताया गया कि आज किसी भी बिजली संयंत्र को कोयले की कमी नहीं है. संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति से संबंधित मुद्दा सुलझा लिया गया है. प्रधानमंत्री ने देश में सौर बिजली उत्पादन क्षमता बढाने की योजना की समीक्षा की.

बैठक में नीति आयोग ने विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों पर प्रस्तुतीकरण दिया. इनमें बिजली, कोयला, अक्षय उर्जा, बंदरगाह व तटीय विकास, सडक और रेलवे शामिल हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘मोदी ने कहा कि नीति आयोग को विभिन्न विभागों व केंद्र तथा राज्‍यों के बीच मुद्दों के तेजी से निपटाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिससे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार बढाई जा सके.

प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी यहां हाल में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ ब्लैकरॉक इंडिया निवेशक सम्मेलन के दौरान हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि अब बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए धन कोई अडचन नहीं है. उन्‍होंने सरकार के सभी विभागों को निर्देश दिया कि समग्र ढांचा तथा निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए काम करें.

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों को बिचली सुविधाओं से वंचित शेष 20,000 गांवों तक समय सीमा में बिजली पहुंचाने के लिए ‘मिशन मोड’ में काम करने को कहा. प्रधानमंत्री ने कहा कि संपूर्ण ग्रामीण विद्युतीकरण (सौर उर्जा सहित) सुनिश्चित करने के लिए नवोन्मेषी समाधानों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

इनमें नजदीकी रेल ढांचे के लिए बिजली कनेक्टिविटी व ऑफ ग्रिड समाधान शामिल हैं. देश में सौर उर्जा उत्पादन क्षमता बढाने के लिए योजनाओं की समीक्षा करते हुए मोदी ने सुझाव दिया कि देशभर में सभी प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में बिजली की खपत को पारंपरिक उर्जा से सौर उर्जा में तब्दील करने के एक प्रयास के तहत बीसीसीआई को शामिल किया जा सकता है.

तटीय विकास में प्रगति पर उन्होंने ‘नीली क्रांति’, तटीय नौवहन के एकीकरण और सागरमाला परियोजना के जरिये क्षेत्रीय विकास के अपने आह्वान को दोहराया. उन्होंने रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास एवं रेल गलियारों के निकटवर्ती क्षेत्रों में विकास के प्रति नजरिये में मौलिक बदलाव का भी आह्वान किया. बैठक में सभी संबद्ध ढांचागत मंत्रालयों, प्रधानमंत्री कार्यालय और नीति आयोग के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे.

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