''यूरोप में विभिन्न कारोबारी विकल्पों की खोज जारी रखेगी टाटा स्टील''
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 May 2019 5:25 PM
नयी दिल्ली : थाइसेनक्रुप के साथ प्रस्तावित विलय फंसने के बीच टाटा स्टील के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने यूरोप में अपने कारोबार के विलय की योजना छोड़ी नहीं है. उन्होंने प्रस्तावित विलय पर यूरोपीय आयोग की आपत्ति को स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) बताया है. यूरोपीय आयोग ने टाटा स्टील के यूरोपीय […]
नयी दिल्ली : थाइसेनक्रुप के साथ प्रस्तावित विलय फंसने के बीच टाटा स्टील के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने यूरोप में अपने कारोबार के विलय की योजना छोड़ी नहीं है. उन्होंने प्रस्तावित विलय पर यूरोपीय आयोग की आपत्ति को स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) बताया है. यूरोपीय आयोग ने टाटा स्टील के यूरोपीय कारोबार के जर्मनी की कंपनी थाइसेनक्रुप के साथ विलय पर आपत्ति उठायी थी. इसके चलते दोनों कंपनियों की संयुक्त उद्यम स्थापित करने की योजना अटक गयी है.
इसे भी देखें : टाटा स्टील यूरोप के फैसले से डेविड कैमरुन सकते में, खोज रहे उपाय
टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य यूरोपीय कारोबार को मजूबत बनाना है. इसके लिए वह विलय समेत विभिन्न कारोबारी विकल्पों का पता लगाना जारी रखेगी. नरेंद्रन ने संयुक्त उद्यम स्थापित करने के प्रस्ताव को लेकर आपत्ति उठाये जाने पर कहा कि हम पिछले कुछ सालों से इस (संयुक्त उद्यम) पर काम कर रहे थे, लेकिन यूरोपीय आयोग ने फैसला किया है कि वह संयुक्त उद्यम को स्वीकार्य नहीं कर सकता है, तो ठीक है. मैं इसे गति अवरोधक की तरह देखता हूं. इस तरह की चीजें होती रहती हैं. आयोग की प्रतिक्रिया बाजार परीक्षण पर आधारित है.
टाटा स्टील और जर्मन समूह ने 10 मई को संयुक्त उद्यम बनाने के प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला किया. उन्हें यूरोपीय आयोग की ओर से निरंतर चिंता जताये जाने पर इस सौदे के खारिज होने की आशंका है. टाटा स्टील और जर्मनी की थाइसेनक्रुप ने जून, 2018 को यूरोप में अपने इस्पात कारोबार को मिलाने के लिए एक पक्का करार किया था. इसके तहत बनाये जाने वाले संयुक्त उद्यम में दोनों की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी प्रस्तावित थी. यह लक्ष्मी मित्तल की आर्सेलरमित्तल के बाद यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी इस्पात कंपनी बनती.
नरेंद्रन ने कहा कि टाटा स्टील समूह ने चुनौतियों के बावजूद यूरोप में बेहतर प्रदर्शन किया है. उन्होंने कहा कि यूरोप में वाहन क्षेत्र को आपूर्ति करने वाली दो बड़ी कंपनियां आर्सेलरमित्तल और थाइसेनक्रुप हैं और इसी वजह से विलय को लेकर यूरोपीय आयोग को वाहन कंपनियों से प्रतिकूल प्रतिक्रिया मिली है. नरेंद्रन ने कहा कि हमने वाहन उद्योग को आपूर्ति करने के लिए नीदरलैंड में पहले से काफी निवेश किया हुआ है. इसलिए हम वाहन उद्योग में मजबूत खिलाड़ी के रूप में बने रहेंगे.
यह पूछने पर कि क्या टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील की तरह अधिग्रहण योजना अपना सकती है, नरेंद्रन ने कहा कि जब कंपनी विकल्पों पर विचार कर रही है, तो वह यूरोप में अपने कदम और आगे नहीं बढ़ायेगी।. वह थाइसेनक्रुप जैसे एक साझेदार की तलाश करेगी, क्योंकि यूरोप में उसकी योजना कारोबार को मजबूत बनाने की है. जेएलडब्ल्यू स्टील ने हाल ही में इटली में एक संयंत्र का अधिग्रहण किया था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










