विदेशी चंदा के रूप में नहीं मानी जायेगी NGO को अंतरराष्ट्रीय सौर संगठनों से मिलने वाली राशि

नयी दिल्ली : देश के स्वयंसेवी संगठनों (एनजीओ) और अन्य निकायों को अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन से मिलने वाले धन को विदेशी स्रोत से मिला धन नहीं माना जायेगा और न ही उसे विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से छूट मिलेगी. गृह मंत्रालय की ओर से इस बाबत जानकारी दी गयी है. इसे भी देखें : […]
नयी दिल्ली : देश के स्वयंसेवी संगठनों (एनजीओ) और अन्य निकायों को अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन से मिलने वाले धन को विदेशी स्रोत से मिला धन नहीं माना जायेगा और न ही उसे विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से छूट मिलेगी. गृह मंत्रालय की ओर से इस बाबत जानकारी दी गयी है.
इसे भी देखें : पांच साल में एनजीओ को 40 फीसदी कम विदेशी चंदा, इस कानून से कसा शिकंजा
मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय सौर संगठन को अब एनजीओ तथा अन्य निकायों के वित्तपोषण के मामले में विदेशी स्रोत नहीं माना जायेगा. मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने का लक्ष्य पाने में मदद करने के भारत के प्रयासों के तहत लिया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांसिस होलांदे ने 2015 में पेरिस में संयुक्त तौर पर अंतरराष्ट्रीय सौर संगठन की शुरुआत की थी. अभी 121 देश इससे जुड़ चुके हैं. इसका मुख्यालय गुड़गांव में स्थित है.
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