केंद्रीय कर्मचारियों को लग सकता है लाखों का फटका, वेतन आयोग में देरी से HRA और भत्तों के एरियर पर मंडराया खतरा

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सांकेतिक तस्वीर (फोटो : Canva)

8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों को लग सकता है बड़ा झटका! 8वें वेतन आयोग के लागू होने में देरी से बेसिक पे का एरियर तो मिलेगा, लेकिन HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्तों के एरियर पर मंडराया खतरा. जानिए पूरा गणित.

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8th Pay Commission : यदि आप केंद्रीय कर्मचारी हैं और आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, तो आने वाले दिन आपके लिए थोड़े मायूस करने वाले हो सकते हैं. आमतौर पर कर्मचारियों को लगता है कि नया वेतन आयोग चाहे जितनी भी देरी से लागू हो, उन्हें बाद में पूरा एरियर (बकाया) मिल ही जाएगा.

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लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. अगर सरकार ने अपने पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को दोहराया, तो कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) जैसे कई बड़े भत्तों के एरियर से हाथ धोना पड़ सकता है. यह नुकसान छोटा-मोटा नहीं, बल्कि लाखों रुपये का हो सकता है.

भत्तों के एरियर पर क्यों है खतरा?

पिछले वेतन आयोगों के इतिहास को देखें तो सरकार एरियर तय करते समय दो अलग-अलग नियम अपनाती है.

  • बेसिक पे (Basic Pay) और DA: यह पूरी तरह सुरक्षित रहता है. सरकार मूल वेतन और महंगाई भत्ते का एरियर बैकडेट (पुरानी तारीख) से देती है.
  • HRA और अन्य भत्ते: एचआरए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, यूनिफॉर्म अलाउंस और चिल्ड्रेन एजुकेशन अलाउंस जैसे भत्तों को सरकार ‘प्रॉस्पेक्टिवली’ (Prospectively) लागू करती है. इसका मतलब है कि ये भत्ते उसी तारीख से बढ़े हुए मिलते हैं, जिस दिन सरकार इसकी आधिकारिक घोषणा करती है. पुरानी अवधि का बढ़ा हुआ हिस्सा कर्मचारियों को नहीं दिया जाता. चूंकि वर्तमान में सातवें वेतन आयोग के तहत शहरों की कैटेगरी के हिसाब से 30%, 20% और 10% की दर से HRA मिल रहा है, आठवें वेतन आयोग में इसके बढ़ने की पूरी उम्मीद है. लेकिन देरी के कारण बढ़े हुए हिस्से का एरियर नहीं मिलेगा.

22 महीने की देरी का पूरा गणित

परंपरा के अनुसार, देश में हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू होता है. इस लिहाज से सातवें वेतन आयोग की समयसीमा दिसंबर 2025 में समाप्त हो चुकी है और 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू हो जाना चाहिए था.

लेकिन प्रक्रिया में हो रही देरी का गणित कुछ ऐसा है.

1 जनवरी 2026 (तय तारीख) ──> मार्च 2027 (सिफारिशें सौंपना) ──> अगस्त 2027 (अंतिम मंजूरी व लागू)
│ │
└─────── आयोग को मिले 18 महीने ──────└─ कैबिनेट समीक्षा (3-4 महीने)
इस पूरी टाइमलाइन को देखें तो आठवां वेतन आयोग अगस्त 2027 के आसपास ही जमीन पर उतर पाएगा. ऐसे में 1 जनवरी 2026 से लेकर अगस्त 2027 के बीच करीब 20 से 22 महीने की देरी होगी और इसी अवधि के भत्तों का एरियर कर्मचारियों को गवाना पड़ सकता है.

केवल बेसिक पे और DA का एरियर रहेगा सुरक्षित

कर्मचारियों के लिए राहत की बात बस इतनी है कि उनके मूल वेतन (Basic Pay) पर कोई नुकसान नहीं होगा. पुरानी व्यवस्था के तहत 1 जनवरी 2026 से लेकर नया वेतन आयोग असल में लागू होने की तारीख तक का पूरा बेसिक पे एरियर कर्मचारियों के खातों में आएगा. चूंकि महंगाई भत्ता (DA) भी बेसिक पे पर ही तय होता है, इसलिए डीए का एरियर भी जोड़कर दिया जाएगा.

सरकार के सामने ₹3.2 लाख करोड़ की वित्तीय चुनौती

इस कड़े फैसले के पीछे सरकार की अपनी आर्थिक मजबूरियां और भारी-भरकम वित्तीय बोझ है. देश में इस समय लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख से अधिक पेंशनभोगी हैं. कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार पर पड़ने वाला अनुमानित खर्च इस प्रकार है.

वेतन आयोगसरकारी खजाने पर कुल वित्तीय बोझ
7वां वेतन आयोग₹1.02 लाख करोड़
8वां वेतन आयोग (FY 2027-28 अनुमान)₹2.4 लाख करोड़ से ₹3.2 लाख करोड़

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