ePaper

WhatsApp को तीसरी बार नोटिस भेज सकता है सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

Updated at : 20 Sep 2018 8:00 PM (IST)
विज्ञापन
WhatsApp को तीसरी बार नोटिस भेज सकता है सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

नयी दिल्ली : सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय व्हाट्सएप को तीसरा नोटिस भेजने पर विचार कर रहा है. समझा जाता है कि सरकार व्हाट्सएप को अपने प्लेटफार्म पर संदेशों को ‘ढूंढने’ की प्रणाली लगाने पर जोर देगी. हालांकि, अमेरिका की यह कंपनी लगातार कह रही है कि ऐसा करने पर एक छोर से दूसरे छोर पर […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय व्हाट्सएप को तीसरा नोटिस भेजने पर विचार कर रहा है. समझा जाता है कि सरकार व्हाट्सएप को अपने प्लेटफार्म पर संदेशों को ‘ढूंढने’ की प्रणाली लगाने पर जोर देगी. हालांकि, अमेरिका की यह कंपनी लगातार कह रही है कि ऐसा करने पर एक छोर से दूसरे छोर पर पूरी तरह से संदेश के एनक्रिप्शन (कूट भाषा में परिवर्तित करने) की प्रक्रिया प्रभावित होगी. साथ ही, इससे प्रयोगकर्ताओं की गोपनीयता का भी उल्लंघन होगा.

इसे भी पढ़ें : WhatsApp को सरकार ने दी चेतावनी, अफवाह और फेक मैसेज को चेक करने का दिया निर्देश

सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस बारे में आंतरिक स्तर पर विचार-विमर्श हुआ है और व्हाट्सएप को अगले सात से 10 दिन में तीसरा पत्र भेजा जा सकता है. एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि आईटी मंत्रालय का मानना है कि संदेश कहां से चला है, यह पता लगाने को तकनीकी समाधान ढूंढ़ा जा सकता है और इसमें पूरी प्रक्रिया के साथ समझौता करने की जरूरत नहीं होगी.

अधिकारी ने संभावित तकनीकी समाधान का जिक्र करते हुए कहा कि छोटे से अरसे में काफी अधिक लोगों को जो संदेश भेजा गया है, उसके मूल स्रोत का पता लगाने का समाधान लाया जा सकता है. अधिकारी ने कहा कि इसमें संदेश की सामग्री को देखने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह पहचान की जायेगी कि वायरल हुआ संदेश कहां से चला है.

देश में भीड़ की पिटाई से हत्या की कई घटनाएं हुई हैं. ऐसी घटनाएं व्हाट्सएप पर फर्जी खबरों को आगे भेजने की वजह से हुई हैं. सरकार व्हाट्सएप को पहले ही दो बार नोटिस भेज चुकी है. दूसरे नोटिस में कंपनी को चेतावनी दी गयी है कि उसे उकसाने वाला समझा जायेगा और यदि वह मूकदर्शक बनी रहती है, तो उसे कानूनी नतीजे भुगतने होंगे.

व्हाट्सएप का स्वामित्व फेसबुक के पास है. व्हाट्सएप को भारतीय कानून के तहत एक स्थानीय कॉरपोरेट इकाई स्थापित करने और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति को भी कहा गया है. हालांकि, व्हाट्सएप ने संदेश के मूल स्रोत का पता लगाने को समाधान की मांग को ठुकरा दिया है. उसका कहना है कि इससे एक छोर से दूसरे छोर तक प्रणाली प्रभावित होगी और प्रयोगकर्ताओं की गोपनीयता का भी उल्लंघन होगा.

हालांकि, व्हाट्सएप ने सरकार की अन्य मांगों को स्वीकार कर लिया है कि अपने प्लेटफार्म पर किसी संदेश के थोक में प्रसार पर अंकुश लगा दिया है. एक समय में कोई संदेश सिर्फ पांच व्यक्तियों को ही भेजा सकता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola