ePaper

RBI ने ब्याज दर तो घटाया ही, आपके लिए सस्ता मकान उपलब्ध कराने के लिए भी लगाया है जोर

Updated at : 02 Aug 2017 6:47 PM (IST)
विज्ञापन
RBI ने ब्याज दर तो घटाया ही, आपके लिए सस्ता मकान उपलब्ध कराने के लिए भी लगाया है जोर

नयी दिल्ली: रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने बुधवार को द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा नीति पेश करने के दौरान इस बात पर जोर दिया है कि यदि सरकार को देश के गरीब लोगों को सस्ते मकान उपलब्ध कराने हैं, तो उसे प्रधानमंत्री आवास योजना को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत है.आरबीआइ गवर्नर उर्जित पटेल […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली: रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने बुधवार को द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा नीति पेश करने के दौरान इस बात पर जोर दिया है कि यदि सरकार को देश के गरीब लोगों को सस्ते मकान उपलब्ध कराने हैं, तो उसे प्रधानमंत्री आवास योजना को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत है.आरबीआइ गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा है कि राज्य सरकार के स्तर पर एक समयबद्ध सिंगलविंडो सिस्टम की जरूरत जिससे सस्ते आवास की परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी दी जा सके.आरबीआइ चीफकेइस नीतिगत बयान सेस्पष्ट है कि वह सस्ते आवास की प्रक्रिया को तेज होता देखना चाहती है और इसके लिएउसने केंद्रके साथ राज्यों तक अपनी बातमोनिटरी पाॅलिसी की कामेंटरीके माध्यम से पहुंचा दी है. पटेल के अनुसार, एमपीसी का मानना है कि मुद्रास्फीति बेशक एतिहासिक निम्न स्तर पर पहुंच गयी है, फिर भी स्पष्ट नहीं है कि यह गिरावट तात्कालिक या यह पक्के आधार के कारण है.

इस खबर को भी पढ़ेंः रिजर्व बैंक की दो टूक, राज्यों का कृषि लोन माफ करने से राजकोषीय लक्ष्य का होगा नुकसान

उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति के मौजूदा निम्न स्तर से ऊपर उठने की आशंका बनी हुई है, यही वजह है कि एमपीसी ने नीतिगत उपायों में निरपेक्ष रुख को बरकरार रखने और आने वाले आंकड़ों पर नजर रखने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि एमपीसी मुद्रास्फीति को दीर्घकालिक आधार पर चार प्रतिशत के आसपास बनाये रखने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पर ध्यान रखे हुए हैं.

समिति ने निजी क्षेत्र के निवेश में नयी जान फूंकने, ढांचागत क्षेत्र की अड़चनों को दूर करने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सस्ते मकानों की योजना को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने की जरूरत बतायी है. रिजर्व बैंक ने कहा है कि कंपनियों के बड़े कर्जों का मामला सुलझाने और सार्वजिनक क्षेत्र के बैंकों में नये सिरे से पूंजी डालने के लिए वह सरकार के साथ नजदीकी से समन्वय बिठाते हुए काम कर रहा है.

उल्लेखनीय है कि देश के बैंकों की गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) इस समय आठ लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एनपीए छह लाख करोड़ रुपये के आसपास है. पटेल ने कहा कि एमपीसी मुद्रास्फीति की घट-बढ़ पर नजर रखे हुए है और यह जानने की कोशिश में है कि हाल में इसमें आयी नरमी अस्थायी है या फिर अधिक टिकाऊ अवस्फीति का दौर चल रहा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola