Teachers Day 2023: एक ऐसे शिक्षक, जिन्होंने अपने फंड से सरकारी स्कूल की बढ़ा दी थी रौनक, खर्च किए थे पांच लाख

आज भी यहां के ग्रामीण आनंद महतो के इन कार्यों की खूब प्रशंसा करते हैं. विद्यार्थियों को इन सुविधाओं का लाभ मिल ही रहा है. हालांकि, 6 वर्ष पूर्व ही आनंद महतो सेवानिवृत हो गए हैं, लेकिन उनके शैक्षणिक व सामाजिक कार्यों के प्रति लगाव और अपनापन को लोग आज भी याद करते हैं.
महुआटांड़, बोकारो: महुआटांड़ क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय छोटकीपुन्नू (बड़कीपुन्नू) के प्रधानाध्यापक रहते आनंद महतो ने अपने निजी खर्च से स्कूल में कई बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायीं. उन्होंने स्कूल में अनुशासन और गुणवत्तायुक्त शिक्षा पर जोर दिया था. बेहतर गार्डनिंग से स्कूल परिसर की शोभा बढ़ाई थी. आज भी यहां के ग्रामीण आनंद महतो के इन कार्यों की खूब प्रशंसा करते हैं. विद्यार्थियों को इन सुविधाओं का लाभ मिल ही रहा है. हालांकि, 6 वर्ष पूर्व ही आनंद महतो सेवानिवृत हो गए हैं, लेकिन उनके शैक्षणिक व सामाजिक कार्यों के प्रति लगाव और अपनापन को लोग आज भी याद करते हैं. सेवानिवृति के बाद आनंद महतो अपने गांव महुआटांड़ में खेती कर रहे हैं.
करीब पांच लाख रुपए किए थे खर्च
आनंद महतो महुआटांड़ के निवासी हैं. अपने निकट के गांव छोटकीपुन्नू स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बतौर एचएम (प्रधानाध्यापक) कार्य करते हुए उन्होंने कई मिसाल स्थापित की. जब सरकारी फंड नहीं के बराबर आता था तो उन्होंने अपने निजी खर्च से स्कूल में कई ऐसे सुविधाओं को स्थापित किया, जो कि काफी आवश्यक था. उन्होंने चहारदीवारी की ऊंचाई को बढ़ाया और छोटे गेट के स्थान पर बड़ा गेट लगवाया. इस कार्य में उन्हें करीब ढाई लाख का खर्च आया.
पेयजल पर खर्च किए 50 हजार रुपये
पेयजल के लिए उन्होंने हैंडपंप की बोरिंग में मोटर लगवाते हुए पानी टंकी बैठाई और पाइप कनेक्शन के जरिए टैप लगवाए. लगभग 50 हजार इस पर खर्च किए. स्कूल में योगदान देने के समय जब बेंच डेस्क नहीं थी तो उन्होंने लकड़ी खरीदकर बढ़ई बुलवाकर बेंच डेस्क बनवाए. स्कूल परिसर में हजारों रुपए के पेड़ पौधे लगवाए और बेहतर गार्डनिंग से स्कूल परिसर की शोभा बढ़ाने का काम किया. कई अन्य छोटे छोटे जरूरी काम कराए. स्कूल में दूसरे शिक्षक इन्हें पूरे अदब के साथ सम्मान देते थे.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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