बोकारो के सिमराबेड़ा गांव में आज भी हैंड मेड एंबुलेंस पर है ग्रामीणों को भरोसा, सड़क नहीं होने से होती है परेशानी

Updated at : 04 Jul 2021 3:52 PM (IST)
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बोकारो के सिमराबेड़ा गांव में आज भी हैंड मेड एंबुलेंस पर है ग्रामीणों को भरोसा, सड़क नहीं होने से होती है परेशानी

Jharkhand News (ललपनिया, बोकारो) : झारखंड के बोकाराे जिला के सुदूरवर्ती गांवों के ग्रामीण आज भी हैंड मेड एंबुलेंस यानी खटिया पर ढोकर मरीज को इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाने को मजबूर हैं. जिला अंतर्गत गोमिया प्रखंड स्थित पचमो पंचायत के झुमरा पहाड़ के निकटवर्ती संताली बहुल गांव सिमराबेड़ा में सड़क नहीं है. इसके कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है.

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Jharkhand News (नागेश्वर, ललपनिया, बोकारो) : झारखंड के बोकाराे जिला के सुदूरवर्ती गांवों के ग्रामीण आज भी हैंड मेड एंबुलेंस यानी खटिया पर ढोकर मरीज को इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाने को मजबूर हैं. जिला अंतर्गत गोमिया प्रखंड स्थित पचमो पंचायत के झुमरा पहाड़ के निकटवर्ती संताली बहुल गांव सिमराबेड़ा में सड़क नहीं है. इसके कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है.

संताली गांव सिमराबेड़ा के ऊपर टोला के अलावा निकट के गांव बलथरवा और अमन गांव में सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है. भले ही सरकार और जिला प्रशासन विकास की बात दोहराते हैं, लेकिन झुमरा पहाड़ के सिमरोबेड़ा गांव में इसकी असली हकीकत पता चल जाता है.

सिमराबेड़ा गांव के बहाराम मांझी की पुत्री छोटी कुमारी दो दिन पूर्व दुर्घटना में घायल हो गयी थी. इलाज के लिए बाहर ले जाना था, लेकिन गांव तक सड़क नहीं होने के कारण मरीज के परिजन उसे खटिया में टांग कर दो किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाने को मजबूर हुए.

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बता दें कि झुमरा पहाड़ क्षेत्र से गोमिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी करीब 60 किलोमीटर है. ऐसे में बहाराम मांझी अपनी बीमार बेटी को गोमिया नहीं ले जाकर प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज कराने को मजबूर हैं. दूसरी ओर, झुमरा पहाड़ में उप स्वास्थ्य केंद्र पिछले 3 वर्षों से बन कर तैयार है, लेकिन चिकित्सा व्यवस्था बहाल नहीं होने से उपस्वास्थ्य केंद्र बंद है.

बता दें कि झुमरा पहाड़ से अमन तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत लिंक ‌पथ संवेदक के द्वारा निर्माणाधीन है, पर हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल के द्वारा बलथरवा से अमन गांव तक एनओसी नही दिये जाने से सड़क निर्माण का कार्य पिछले दो साल से रुका पड़ा है.

इस संबंध में गोमिया प्रखंड के BDO कपिल कुमार ने कहा कि गावों में मनरेगा योजना के तहत विकास के कार्य‌ किये गये हैं. एक गांव से दूसरे गांव तक जोड़ने के लिए लिंक पथ को सर्वे कराकर पथ निर्माण में बल देने की बात कही.

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Posted By : Samir Ranjan.

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