Jharkhand: बोकारो में मनरेगा के तहत फल-फूल रही आम बागवानी योजना, 82000 आम और 57000 इमारती पेड़ तैयार

झारखंड के बोकारो में मनरेगा के तहत आम बागवानी योजना काफी फल फूल रही है. चार सालों में राज्य सरकार की इस महात्वाकांक्षी योजना के तहत 82000 आम के पेड़ और 57000 इमारती पेड़ तैयार हो चुके हैं. तीन-चार साल पहले योजना से जुड़े लाभुक किसानों को अब इस योजना का लाभ भी मिलने लगा है.
ललपनिया (बोकारो), नागेश्वर. बोकारो जिला के गोमिया प्रखंड के 21 पंचायतों में मनरेगा के तहत संचालित राज्य सरकार की महात्वाकांक्षी आम बागवानी योजना में विभिन्न प्रजाति के आम के पौधे लगाए गए है. बीते चार सालों के अंतराल में लगभग 27 करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से 716 एकड़ भूमि में आम और इमारती पेड़ लगाकर लगभग 750 ग्रामीण किसान लाभुकों को रोजगार से जोड़ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया गया.
बागवानी के जरिए बंजर और पथरिली पड़ी भूमि में भी हरियाली बिखेरी गयी. मालूम हो कि गोमिया प्रखंड में 2020-21 में मनरेगा विभाग के द्वारा 158 एकड़ भूमि में 158 लाभुकों तक आम बागवानी योजना का लाभ पहुंचाया गया. इसी प्रकार 2021-22 में 135 एकड़ भूमि में 143 लाभुक, 2022-23 में 233 एकड़ भूमि में 242 लाभुक और 2023-24 में 200 एकड़ में 192 लाभुकों को आम बागवानी योजना से लाभान्वित किया गया.
आम बागवानी में प्रति बगान में 112 आम के पौधों के अलावा 80 इमारती पेड़ लगाये जाते हैं. चार सालों में 82000 आम और 57000 इमारती पेड़ लगाये गये. प्रति आम बागवानी में 3 लाख 80 हजार रुपए की लागत आयी है. कुछ आम बागवानी का प्रकृति आपदा और जंगली हाथियों के कारण क्षति हो गया. उसकी जगह फिर से नए पौधे लगाए गए.
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गोमिया के बीडीओ कपिल कुमार ने कहा कि आम की बागवानी काफी लाभप्रद योजना है. तीन सालों तक देखभाल करें तो इसका लाभ मिलने लगेगा. बागवानी में तीन सालों पहले जिन्होंने आम के पौधे लगाये गये हैं, उस आम के पेड़ में आम फलने लगे हैं, लाभुक काफी खुश हैं. आगे दो तीन वर्षों मे यहां के आम दूसरे प्रदेशों में निर्यात होने लगेंगे. इससे किसान लाभान्वित होगें.
सीओ के मुताबिक आम बागवानी सरकार की महात्वाकांक्षी योजनाओं में एक है. बागवानी में पौधा लगाने में अंचल कार्यालय के द्वारा त्वरित गति से भूमि का सत्यापन कर कार्य रूप दिया गया ताकि योजना को तेजी से जमीन पर उतरा जा सके और लाभूको को योजना का लाभ मिले.
प्रखंड के बीपीओ का कहना है कि आम बागवानी से कई फायदे हैं, जिसमें इमारती पेड़ के अलावा बागवानी के अंदर खाली पड़ी भूमि में लाभुक के द्वारा साग सब्जी का भी उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रसस्त किया गया.
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