लुधियाना में जहरीली गैस के रिसाव से बिहार के सात लोगों की मौत, गया के डॉक्टर का पूरा परिवार खत्म

लुधियाना के ग्यासपुरा में रविवार की सुबह-सुबह हुए गैस हादसे ने तीन परिवारों को तबाह कर दिया. सुबह साढ़े सात बजे गैस लीक होने की खबर जैसे ही फैली, अफरा-तफरी मच गयी. इस जहरीली गैस के रिसाव से 11 लोगों की मौत हो गयी, जबकि चार अन्य लोग अस्पताल में भर्ती हैं
पंजाब के लुधियाना जिले के घनी आबादी वाले ग्यासपुरा इलाके में रविवार को जहरीली गैस के रिसाव से 11 लोगों की मौत हो गयी, जबकि चार अन्य लोग अस्पताल में भर्ती हैं. मरने वालों में बिहार के सात लोग शामिल हैं. इसमें गया के एक ही परिवार के पांच लोगों के अलावा वैशाली के पति-पत्नी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि किस गैस का रिसाव हुआ और इसका क्या कारण था, यह फिलहाल पता नहीं चल सका है.
हालांकि, लुधियाना की उपायुक्त सुरभि मलिक ने बताया कि ऐसी आशंका है कि सीवर में कुछ रसायनों की मीथेन गैस से प्रतिक्रिया हुई होगी. उन्होंने बताया कि घटना में जान गंवाने वाले लोगों में श्वसन संबंधी समस्या का कोई लक्षण नहीं दिखा. ऐसी आशंका है कि न्यूरोटॉक्सिन (विषाक्त पदार्थ के संपर्क में आने से तंत्रिका तंत्र की सामान्य गतिविधि में बदलाव) की वजह से मौत हुई है. डॉक्टरों के अनुसार जिस गैस का रिसाव हुआ है, उसका असर फेफड़ों से ज्यादा दिमाग पर पड़ा है. गैस के कारण दिमागी गतिविधियां बंद होने जाने से मौत की आशंका जतायी जा रही है.
ग्यासपुरा में रविवार की सुबह-सुबह हुए गैस हादसे ने तीन परिवारों को तबाह कर दिया. सुबह साढ़े सात बजे गैस लीक होने की खबर जैसे ही फैली, अफरा-तफरी मच गयी. ग्यासपुरा 33 फुटा रोड पर सौरव गोयल का घर और किराने की दुकान है. पास में ही बिहार के मूल निवासी डाक्टर कविलाश का आरती क्लीनिक और नवनीत कुमार का घर है. सबसे पहले गैस का असर किराना दुकान के पास महसूस किया गया. दुकान में मौजूद सौरव गोयल को सांस लेने में तकलीफ हुई, तो उन्होंने शोर मचाया. शोर सुन उनके भाई गौरव गोयल और परिवार के अन्य लोग भी नीचे आ गये. जैसे जैसे वे नीचे आते गये, बेहोश होते गये. नवनीत कुमार और उसकी पत्नी नीचे थे, तो उन्हें भी सांस लेने में तकलीफ हुई. उन्होंने अपनी बेटी और भाई को नीचे बुलाया, तो वे भी बेहोश हो गये. डॉ. कविलाश का घर भी क्लीनिक के ऊपर ही है. उनका पूरा परिवार भी सांस लेने में दिक्कत के कारण नीचे की तरफ भागा, तो सभी वहां बेहोश होकर गिर गये.
मूल रूप से बिहार के गया जिले के कोंच प्रखंड के मझियावां टोला धनु बिगहा निवासी डाक्टर कविलाश यहां 20 साल से आरती क्लीनिक चला रहे थे. इस हादसे में उनका पूरा परिवार उजड़ गया. मरनेवालों में झलक देव यादव के बेटे कविलाश यादव, उनकी पत्नी अनुला कुमारी, बेटा अभय नारायण व आर्यन कुमार तथा बेटी कल्पना कुमारी शामिल हैं.
डाक्टर कविलाश के बगल में वैशाली के सराय थाना क्षेत्र के शीतलभकुरहर गांव निवासी कुमोद सिंह के बेटे नवनीत कुमार का घर है. इस हादसे में नवनीत (39) और उसकी पत्नी नीतू देवी (37) की मौत हो गयी. नवनीत की बेटी नंदिनी (15) घर की छत पर रहने के कारण बच गयी. एक भाई नितिन का इलाज चल रहा है. कुमोद सिंह के तीन बेटे नवनीत, नितिन और विनीत लुधियाना तथा बीकानेर में रहते हैं. नवनीत लुधियाना की आरती स्टील फैक्ट्री में अकाउंटेंट थे. कुमोद सिंह के परिवार के सभी सदस्य करीब दो दशकों से बाहर रह रहे हैं. कुमोद सिंह भी अपने बच्चों के पास रहते हैं. वे कभी-कभी अपने पैतृक गांव आया करते हैं.
गैस हादसे में गोयल किराना स्टोर के मालिक सौरव गोयल (35), उनकी पत्नी प्रीति (31) और मां कमलेश गोयल (60) की भी मौत हो गयी है. भाई गौरव सिविल अस्पताल में इलाजरत है.
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंजाब के लुधियाना के ग्यासपुरा की घटना को अत्यंत दुखद बताया है. मुख्यमंत्री ने बिहार के मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने नयी दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त को निर्देश दिया है कि पंजाब सरकार से समन्वय स्थापित कर मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके घर तक लाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें.
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