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Singheshwar : विकास के वादों के बीच दिलचस्प मुकाबला

Updated at : 10 Jul 2025 6:47 PM (IST)
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Singheshwar Vidhan Sabha Chunav 2025

Singheshwar Vidhan Sabha Chunav 2025

Singheshwar Vidhan Sabha Chunav 2025: मधेपुरा जिले की सिंहेश्वर विधानसभा सीट बिहार की सबसे दिलचस्प सीटों में से एक है. राजनीतिक रूप से सजग मतदाता आखिरी समय तक अपना फैसला छिपाए रखते हैं.

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Singheshwar Vidhan Sabha Chunav 2025: सिंघेश्वर बिहार के कोसी बेल्ट में स्थित मधेपुरा जिले की सिंहेश्वर विधानसभा सीट हर बार चुनावी रोमांच से भरपूर रहती है. यह वह सीट है जहां के मतदाता आखिरी वक्त तक अपना रुख स्पष्ट नहीं करते, जिससे प्रत्याशी और दलों की धड़कनें तेज बनी रहती हैं. 2025 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी यहां सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने रणनीति तेज कर दी है. इस सीट पर मुस्लिम और यादव मतदाता अहम भूमिका में हैं. हालांकि राजपूत, ब्राह्मण, कोइरी और पासवान वोटर भी निर्णायक संख्या में हैं.

सिंघेश्वर स्थान का धार्मिक इतिहास

Singheshwar Vidhan Sabha Chunav 2025: राजनीतिक चेतना के लिए प्रसिद्ध इस सीट की एक और पहचान है – इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व. सिंहेश्वरधाम शिव मंदिर न केवल उत्तर बिहार बल्कि नेपाल के तराई क्षेत्रों तक के लोगों की आस्था का केंद्र है. यह स्थान ऋषि श्रृंगी की तपोभूमि रही है और ऐसी मान्यता है कि त्रेता युग में राजा दशरथ ने यहीं पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था, जिससे उन्हें राम सहित चार पुत्रों की प्राप्ति हुई.

इस चुनाव में सिंहेश्वर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में है. पिछले दो दशकों से इस मुद्दे को लेकर वादे तो खूब हुए, लेकिन ज़मीनी हकीकत में अब भी सिंहेश्वर मूलभूत सुविधाओं और सौंदर्यीकरण के इंतज़ार में है.

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धार्मिक पहचान के बावजूद विकास की राह पर उपेक्षित यह सीट इस बार एक बार फिर राजनीतिक दलों के घोषणापत्रों में प्रमुख स्थान लेती दिख रही है. जनता अब यह देख रही है कि कौन सिर्फ वादा करता है और कौन वाकई भोलेनाथ की नगरी को उसका हक दिला सकता है.

हर चुनाव में इसे पर्यटन स्थल बनाने के वादे किए जाते हैं, पर स्थिति जस की तस बनी है. 2025 में यह मुद्दा फिर से चुनावी केंद्र में है. जनता उम्मीद लगाए बैठी है कि इस बार कोई गंभीर प्रत्याशी सिंहेश्वर की किस्मत बदलने आएगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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