बिहार चुनाव में BJP-JDU की मास्टर प्लानिंग, एक ने संभाले सवर्ण तो दूसरे ने साधे लव-कुश वोटर

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 16 Oct 2025 3:29 PM

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सांकेतिक फोटो

Bihar NDA Candidates: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दो प्रमुख हाथ बीजेपी और जदयू ने उम्मीदवारों के चयन में गजब तालमेल दिखाया है. दोनों दलों ने अपनी सूची में अपने-अपने वोटबैंक को साधने वाले उम्मीदवार उतारे हैं.

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Bihar NDA Candidates: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बीजेपी और जदयू ने 101-101 सीटों पर उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में दोनों दलों ने जातीय समीकरण को बड़े महीन तरीके से साधा है. बीजेपी ने अपने लिस्ट में सवर्ण कैंडिडेट को तवज्जो दी है तो जदयू ने लव-कुश वोटबैंक को प्रयोरिटी दी है.

बीजेपी कैंडिडेट लिस्ट में सवर्णों को तवज्जो

एनडीए सीट शेयरिंग के तहत बीजेपी बिहार चुनाव में 101 सीटों पर उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. उम्मीदवारों की लिस्ट पर गौर करें तो बीजेपी ने बिहार के सवर्ण प्रत्याशियों को तवज्जो दी है. बीजेपी ने अपने कोर वोटबैंक पर फोकस बनाए रखा है.

भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत और कायस्थ बीजेपी के कोर वोटर माने जाते हैं. बीजेपी ने इस वर्ग को साधने के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवार उतारे हैं. बीजेपी ने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी. इसमें से 15 राजपूत (ठाकुर), 11 भूमिहार, 7 ब्राह्मण और 1 कायस्थ समाज के उम्मीदवार हैं. बीजेपी की इस लिस्ट में टोटल 49 सवर्ण हैं.

जदयू की लिस्ट में किसको कितनी जगह

सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने जिन लोगों को टिकट दिया है, उनकी सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि देखकर साफ लगता है कि तमाम दबावों के बावजूद नीतीश कुमार ने अपनी पुरानी सोशल इंजीनियरिंग की नीति को नहीं बदला है.

नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने 101 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. इस लिस्ट में जेडीयू 4 मुस्लिम, 37 पिछड़ी जाति, 22 अति पिछड़ी जाति, 22 सवर्ण, 15 अनुसूचित जाति और 1 अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है. जेडीयू ने इस बार 13 महिलाओं को भी चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया है.

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2010 में एनडीए को मिली थी सबसे बड़े जीत, क्या होगा इस बार

2005 से 2010 के बीच सीएम नीतीश ने बिहार को अपराध मुक्त करने पर खूब जोर लगाया. कई बड़े अपराधी जेल भेजे गए. अपराध पर नियंत्रण हुआ. लॉ एंड आर्डर में सुधार हुआ. नीतीश कुमार की छवि सुशासन वाली बन गई. इसके बाद 2010 में जब बिहार में विधानसभा चुनाव हुआ तो एनडीए ने विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया. एनडीए को 243 में से 206 सीटें मिली. राजद महज 22 सीटों पर सिमट गई.

इस चुनाव में भी एनडीए ने उम्मीदवारों के चयन में सही तालमेल दिखाया था और इसका प्रभाव रिजल्ट में भी दिखा. जदयू को 115 और बीजेपी को 91 सीटें मिली.

इस बार के चुनाव में भी बीजेपी और जदयू ने सभी वर्गों को साधने वाली सूची जारी की है. कई मौकों पर बीजेपी और जदयू के नेता ‘अबकी बार 225 पार’ का नारा लगाते नजर आये हैं.

बीजेपी और जदयू ने अपने सभी उम्मीदवारों का एलान कर दिया है. सीएम नीतीश और अमित शाह प्रचार का कमान संभाल चुके हैं. पीएम मोदी भी एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में वोट मांगने उतरेंगे. ऐसे में अगर सब ठीक रहता है तो एक बार फिर एनडीए के पक्ष में माहौल बन सकता है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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