भारत में गाड़ियों का स्टीयरिंग राइट साइड क्यों होता है? सालों से ड्राइविंग करने वाले भी नहीं जानते इसका जवाब

Published by : Ankit Anand Updated At : 20 Dec 2025 2:44 PM

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Steering Wheel In India

Steering Wheel In India: आपके मन में एक बार जरूर ये सवाल आया होगा कि आखिर भारत में ज्यादातर गाड़ियों का स्टीयरिंग दाईं तरफ क्यों होता है? क्या यह सिर्फ संयोग है या इसके पीछे कोई खास वजह है, आइए आपको बताते हैं.

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Steering Wheel In India: अगर आप भारत में गाड़ी चलाते हैं या बैठ के सफर करते हैं, तो आपने जरूर ध्यान दिया होगा कि ज्यादातर गाड़ियों में स्टीयरिंग दाईं तरफ होती है. जबकि कई दूसरे देशों में स्टीयरिंग बाईं ओर होती है. अगर आपको भी लगता है कि ये बस एक संयोग है तो ऐसा नहीं है. इसके पीछे इतिहास, रोड सेफ्टी और सालों से बनी ड्राइविंग की आदतें हैं.

भारत में सड़क के बाईं ओर गाड़ी चलाने का नियम है, जो ब्रिटिश राज के समय से चला आ रहा है. उस दौर में अंग्रेजों ने यहां सड़क व्यवस्था और ट्रैफिक के नियम लागू किए थे, जो बिल्कुल ब्रिटेन जैसे थे. चूंकि ब्रिटेन में भी बाईं तरफ गाड़ी चलाई जाती है, इसलिए भारत ने भी यही सिस्टम अपनाया और आजादी के बाद भी यह नियम जारी रहा. इतना ही नहीं स्टीयरिंग का दाईं तरफ होने के और भी कई कारण हैं. आइए जानते हैं.

बेहतर विजिबिलिटी और रोड सेफ्टी

भारत जैसे देशों में, जहां गाड़ियां सड़क के बाईं तरफ चलती हैं, स्टेयरिंग का दाईं ओर होना काफी फायदेमंद माना जाता है. इससे ड्राइवर को सामने से आने वाले गाड़ियों को साफ देखने में आसानी होती है, खासकर तब जब दो लेन वाली सड़कों पर धीमी गाड़ी को ओवरटेक करना हो, जो आज भी कई इलाकों में आम है.

इसके अलावा, दाईं तरफ बैठा ड्राइवर सड़क के किनारे चलने वाले पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों पर भी बेहतर नजर रख पाता है. गाड़ी का सेंटर के पास होना ड्राइवर की सतर्कता बढ़ाता है और किसी भी खतरे पर जल्दी रिएक्शन देने में मदद करता है.

सभी तरह की गाड़ियों में एक-जैसा सिस्टम

भारत की सड़कों पर कार, बस, ट्रक, बाइक और ऑटो-रिक्शा जैसे कई तरह की गाड़ियां चलती हैं और सभी बाईं तरफ से ही चलते हैं. ऐसे में गाड़ियों में स्टीयरिंग दाईं ओर होने से सभी वाहनों में एक-जैसा सिस्टम बना रहता है. इससे ट्रैफिक ज्यादा समझ में आने वाला होता है और ड्राइवरों को कन्फ्यूजन भी कम होता है.

खासतौर पर कमर्शियल गाड़ियां और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए दाईं तरफ स्टीयरिंग फायदेमंद होता है, क्योंकि हाईवे या संकरी सड़कों पर ओवरटेक करते समय और लेन बदलते वक्त ड्राइवर को सड़क की स्थिति साफ दिखती है.

दुनिया भर की परंपरा और कानून के नियम

दुनिया भर में करीब 75 देश ऐसे हैं, जैसे यूके, जापान, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड और साउथ अफ्रीका, जहां गाड़ियां सड़क के बाएं तरफ चलाई जाती हैं और स्टेयरिंग दाईं ओर होती है. भारत भी इसी सिस्टम को फॉलो करता है, इसलिए यहां की व्यवस्था इन देशों जैसी है.

भारत में मोटर व्हीकल कानून के तहत बाईं तरफ गाड़ी चलाना जरूरी है और जो भी वाहन यहां बेचे जाते हैं, उन्हें इन्हीं नियमों के मुताबिक होना होता है. लेफ्ट हैंड ड्राइव गाड़ियों को भारत में लाने पर रोक है और खास हालात में ही इसकी इजाजत मिलती है.

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लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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