EV रेस में विदेशी कंपनियों की एंट्री! मर्सिडीज-स्कोडा का भारत में अरबों का दांव

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Mercedes Skoda VolksWagen| EV | Make In India

स्कोडा-फॉक्सवैगन और मर्सिडीज-बेंज भारत में इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण के लिए बड़ा निवेश करने जा रही हैं. जानिए सरकार की नई EV नीति और इसका भारतीय ऑटो सेक्टर पर असर.

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Mercedes Skoda VolksWagen| EV | Make In India: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए स्कोडा-फॉक्सवैगन और मर्सिडीज-बेंज ने बड़े निवेश की योजना बनाई है. सरकार की नई EV नीति के तहत ये कंपनियां भारत में स्थानीय उत्पादन शुरू करने की तैयारी में हैं.

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क्या है सरकार की नई EV नीति?

विदेशी कंपनियों को भारत में EV निर्माण के लिए प्रोत्साहन

8,000 इलेक्ट्रिक कारों के आयात पर 15% की रियायती कस्टम ड्यूटी

कम से कम ₹4,150 करोड़ का निवेश अनिवार्य

स्थानीय उत्पादन तीन साल के भीतर शुरू करना होगा.

स्कोडा-फॉक्सवैगन और मर्सिडीज की योजना

स्कोडा-फॉक्सवैगन भारत में EV निर्माण इकाई स्थापित करने पर विचार कर रही है.

मर्सिडीज-बेंज भी भारत में इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही है.

Hyundai और Kia भी इस योजना में रुचि दिखा रही हैं.

Tesla फिलहाल भारत में केवल शोरूम खोलने की योजना बना रही है, लेकिन स्थानीय उत्पादन में रुचि नहीं दिखा रही.

भारत में EV बाजार का भविष्य

सरकार का लक्ष्य 2030 तक कुल कार बिक्री में 30% हिस्सेदारी EVs की करने का है. टाटा मोटर्स और महिंद्रा पहले से ही भारत में EV निर्माण में अग्रणी हैं, और अब वैश्विक कंपनियों का निवेश इस क्षेत्र को और मजबूत करेगा.

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