EV रेस में विदेशी कंपनियों की एंट्री! मर्सिडीज-स्कोडा का भारत में अरबों का दांव

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 03 Jun 2025 10:24 AM

विज्ञापन

Mercedes Skoda VolksWagen| EV | Make In India

स्कोडा-फॉक्सवैगन और मर्सिडीज-बेंज भारत में इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण के लिए बड़ा निवेश करने जा रही हैं. जानिए सरकार की नई EV नीति और इसका भारतीय ऑटो सेक्टर पर असर.

विज्ञापन

Mercedes Skoda VolksWagen| EV | Make In India: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए स्कोडा-फॉक्सवैगन और मर्सिडीज-बेंज ने बड़े निवेश की योजना बनाई है. सरकार की नई EV नीति के तहत ये कंपनियां भारत में स्थानीय उत्पादन शुरू करने की तैयारी में हैं.

क्या है सरकार की नई EV नीति?

विदेशी कंपनियों को भारत में EV निर्माण के लिए प्रोत्साहन

8,000 इलेक्ट्रिक कारों के आयात पर 15% की रियायती कस्टम ड्यूटी

कम से कम ₹4,150 करोड़ का निवेश अनिवार्य

स्थानीय उत्पादन तीन साल के भीतर शुरू करना होगा.

स्कोडा-फॉक्सवैगन और मर्सिडीज की योजना

स्कोडा-फॉक्सवैगन भारत में EV निर्माण इकाई स्थापित करने पर विचार कर रही है.

मर्सिडीज-बेंज भी भारत में इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही है.

Hyundai और Kia भी इस योजना में रुचि दिखा रही हैं.

Tesla फिलहाल भारत में केवल शोरूम खोलने की योजना बना रही है, लेकिन स्थानीय उत्पादन में रुचि नहीं दिखा रही.

भारत में EV बाजार का भविष्य

सरकार का लक्ष्य 2030 तक कुल कार बिक्री में 30% हिस्सेदारी EVs की करने का है. टाटा मोटर्स और महिंद्रा पहले से ही भारत में EV निर्माण में अग्रणी हैं, और अब वैश्विक कंपनियों का निवेश इस क्षेत्र को और मजबूत करेगा.

यह भी पढ़ें: Tata के इस इलेक्ट्रिक कार की रेंज 500 Km, अगले महीने होने जा रही है लॉन्च

यह भी पढ़ें: New Carens Clavis को खरीदने के पहले जान लें इसके माइलेज के बारे में

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola