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Petrol vs Electric Vehicle: महंगे पेट्रोल की चिंता छोड़ें, इलेक्ट्रिक वाहन से भरें फर्राटा

Updated at : 04 Jul 2022 6:47 AM (IST)
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Petrol vs Electric Vehicle: महंगे पेट्रोल की चिंता छोड़ें, इलेक्ट्रिक वाहन से भरें फर्राटा

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परेशान लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं. डिमांड बढ़ते देख कर कंपनियां भी आये दिन दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के नये-नये मॉडल बाजार में लॉन्च कर रही हैं.

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Petrol vs Electric Vehicle: इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज बढ़ रहा है. खास कर दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेजी आयी है. पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परेशान लोग अब इस ओर रुख कर रहे हैं. डिमांड बढ़ते देख कर कंपनियां भी आये दिन दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के नये-नये मॉडल बाजार में लॉन्च कर रही हैं. ऑटो एक्सपर्ट का भी मानना है कि पेट्रोल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होने के कारण ही लोग दूसरे विकल्प पर ध्यान दे रहे हैं. यह वाहन पर्यावरण के अनुकूल है.

रात में करें फुल चार्ज, दिन

में आसानी से चलायें वाहन

दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी कई मायने में बेहतर है. अलग-अलग कंपनियां स्कूटी और बैटरी पर अलग-अलग वारंटी उपलब्ध करा रही हैं. स्कूटी पर तीन साल, तो बैटरी पर चार साल तक की वारंटी मिल रही है. कंपनी मोटर, बैटरी, चार्जर, कंट्रोलर, सस्पेंशन, वायरिंग आदि पर वारंटी दे रही है. अलग-अलग कंपनियों के दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन को फुल चार्ज हाेने में लगभग 2़ 5 से तीन घंटे का समय लगता है. इन वाहनाें में कंपनियां लिथियम फेरो फॉस्फेट बैटरी और एलएफपी बैटरी उपलब्ध करा रही हैं. इन वाहनों को कम खर्च में चलाया जा सकता है. कंपनियों का कहना है कि इन वाहनों को 12 से 20 पैसे प्रति किलोमीटर के खर्च पर चलाया जा सकता है.

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एक बार फुल

चार्ज में 130 किमी तक की यात्रा

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की खास बात यह है कि एक बार फुल चार्ज करने के बाद आप 130 किलोमीटर तक की यात्रा कर सकते हैं. अलग-अलग कंपनियों के वाहनों के मॉडल के अनुसार दूरी कम या अधिक हो सकती है. पेट्रोल और डीजल वाहनों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहन में खर्च काफी कम हो जाता है. इसमें मेंटनेंस कॉस्ट भी काफी कम है.

हाइस्पीड और लो स्पीड वाली है इलेक्ट्रिक स्कूटी

बाजार में लो-स्पीड के साथ हाइ-स्पीडवाली इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध है. लो-स्पीडवाली स्कूटी में वाहनों के रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है. साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस की भी जरूरत नहीं है. जबकि, हाइ-स्पीड वाले वाहन में रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस दोनों की जरूरत होती है.

250 किलो तक वजन ढोने की क्षमता

इलेक्ट्रिक वाहनों को आसानी से चलाने के साथ ही इस पर 250 किलो तक के सामान ढोये जा सकते हैं. ये वाहन इको फ्रेंडली भी है. पर्यावरण की दृष्टि से भी यह उपयुक्त है. वाहन से कोई आवाज नहीं आती है‍. खास बात यह है कि बार-बार गियर बदलने, इंजन ऑयल आदि बदलने आदि का झंझट नहीं है. शहर की बढ़ती ट्रैफिक के दबाव के हिसाब से यह वाहन बेहतर है.

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इलेक्ट्रिक वाहनों

पर रजिस्ट्रेशन में छूट

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीदारी पर ग्राहकों को विशेष फायदा मिलता है. इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार रजिस्ट्रेशन में छूट देती है. यह छूट कुल टैक्स राशि का 25 प्रतिशत होता है. वाहनों की खरीदारी के लिए फाइनांस की भी सुविधा है. फाइनांस के लिए पेटीएम, IDFC फर्स्ट, पाइन लैब्स, HDB फाइनांशियल, सर्विसेस, बजाज फिनसर्व आदि कंपनियां सुविधा मुहैया करा रही हैं.

खरीदारी के पहले

और बाद में ध्यान दें

दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी के पूर्व वाहन की कीमतों के बारे में पता कर लें. साथ ही मिलनेवाली सुविधाओं की जानकारी रखें. इलेक्ट्रिक वाहनों को बार-बार चार्ज नहीं करें. वाहन को एक बार रात में ही फुल चार्ज करें और दिन में आसानी से इसे चलायें. बार-बार बैटरी को चार्ज करने पर बैटरी की क्षमता प्रभावित होती है. बैटरी चार्ज के दौरान रात में इसे हटाने के लिए आपको जगने की भी जरूरत नहीं है. फुल चार्ज aकेवल चक्का और नीचे ही पानी से धोना है. केवल नॉर्मल वॉश करना है, पावर वॉश नहीं करना है. अंदर पानी जाने पर वाहन में परेशानी आ सकती है. इसका खास ख्याल रखना है.

हल्का होने के कारण पिकअप बेहतर मिलता है

सामान्य वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन का वजन 30 से 35 प्रतिशत तक हल्का होता है. इससे वाहन का पिकअप बेहतर मिलता है. यही नहीं, बिना रजिस्ट्रेशन वाले इलेक्ट्रिक वाहन में भी इंश्योरेंस की सुविधा मिलती है. इन गाड़ियों में भी जीरो डेब्ट की सुविधा दी जाती है.

सुरक्षा की दृष्टि से भी उपयुक्त

सुरक्षा की दृष्टि से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन काफी उपयुक्त हैं. कई कंपनियां चाबी के साथ रिमोट भी देती हैं. एक बार लॉक कर देने पर वाहन को आगे-पीछे करने पर चक्का का मोटर लॉक हो जाता है. जब तक आप इसे अनलॉक नहीं करेंगे, वाहन को चला कर कहीं नहीं ले जा सकते हैं. ट्यूबलेस टायर के साथ डिस्क ब्रेक की भी सुविधा कंपनियां उपलब्ध करा रही हैं.

प्रॉब्लम आते ही MCB कर जाता है ट्रिप

इलेक्ट्रिक वाहनों में एक और खास बात यह है कि किसी भी प्रकार का फॉल्ट आने पर वाहन में लगा एमसीबी ट्रिप कर जाता है. यह बताता है कि वाहन को सर्विस सेंटर में दिखायें. वाहन चालकों के लिए यह काफी सुरक्षित माना जाता है.

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