ALERT! 100 करोड़ स्मार्टफोन्स पर हैकिंग का खतरा, जानें कितना सुरक्षित है आपका हैंडसेट

Author : Rajeev Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 07 Mar 2020 1:08 PM

विज्ञापन

दुनिया भर के 1 अरब से ज्यादा एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स (android smartphone) पर हैकिंग (hacking) का खतरा है. इन स्मार्टफोन्स में में खामी यह है कि सिक्योरिटी अपडेट्स (security update) नहीं दिये जाते हैं जिसकी वजह से इन्हें आसानी से हैक किया जा सकता है.

विज्ञापन

दुनिया भर के 1 अरब से ज्यादा एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स (android smartphone) पर हैकिंग (hacking) का खतरा है. इन स्मार्टफोन्स में में खामी यह है कि सिक्योरिटी अपडेट्स (security update) नहीं दिये जाते हैं जिसकी वजह से इन्हें आसानी से हैक किया जा सकता है.

साइबर सिक्योरिटी फर्म ‘व्हिच?’ (Which?) ने दावा किया है कि 2012 या इससे पहले लॉन्च किये गए एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स (android smartphone users) के लिए यह ज्यादा गंभीर समस्या है. अब तक गूगल ने इस रिपोर्ट पर कोई भी बयान जारी नहीं किया है.

इस साइबर सिक्योरिटी (cyber security) फर्म ने गूगल सहित एंड्रॉयड स्मार्टफोन कंपनियों पर भी सवाल खड़े किये हैं. इस एजेंसी का कहना है कि मोबाइल कंपनियों को सॉफ्टवेयर अपडेट (software update) को लेकर यूजर्स के साथ पारदर्शी होने की जरूरत है.

सिक्योरिटी फर्म का कहना है कि स्मार्टफोन बनानेवाली कंपनियां आमतौर पर यह साफ नहीं करती हैं कि उनके महंगे हैंडसेट्स पर यूजर को कितने साल तक एंड्रॉयड अपडेट मिलता रहेगा. अधिकतर एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में दो से तीन साल के बाद ही अपडेट मिलने बंद हो जाते हैं.

गूगल के आंकड़ों की मानें, तो दुनियाभर के 42% एंड्रॉयड यूजर्स के पास एंड्रॉयड 6 (Android 6.0) या इससे नीचे के वर्जन हैं. सिक्योरिटी फर्म ने अपनी स्टडी में पाया है कि दुनियाभर के 5 में से 2 एंड्रॉयड यूजर्स को अब सिक्योरिटी अपडेट्स नहीं दिये जाते हैं.इस एजेंसी ने पांच स्मार्टफोन्स की टेस्टिंग की, जिनमें Samsung Galaxy A5, Moto X, Sony Xperia Z2, Nexus 5 और Samsung Galaxy S6 शामिल हैं. इस एजेंसी ने इन पाचों स्मार्टफोन्स को मैलवेयर से प्रभावित किया और सभी फोन में मैलवेयर आसानी से इंजेक्ट कर दिया गया.

अगर आपके फोन में एंड्रॉयड 6 या इससे पुराना सॉफ्टवेयर है और उसे कोई नया अपडेट नहीं मिल रहा, तो हैकिंग से बचने के लिए नया फोन लेने का समय आ गया है. अगर आप अभी नया फोन नहीं लेना चाहते हैं, तो अपना स्मार्टफोन चलाने में सावधानी बरतें. यानी संदेहास्पद सामग्री वाले ऐप डाउनलोड करने और वेबसाइट विजिट करने से बचें.

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola