Semiconductor Chip: 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर हो सकता है वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग का राजस्व

Edited by Rajeev Kumar
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वैश्विक कंसल्टिंग फर्म मैकेंजी के अनुसार 2030 तक सेमीकंडक्टर उद्योग के राजस्थ के एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. इस वृद्धि के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से के लिए केवल तीन उद्योग- ऑटोमोटिव कम्प्यूटेशन डेटा स्टोरेज और वायरलेस जिम्मेदार होंगे.

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Semiconductor Chip : भविष्य की दुनिया सेमीकंडक्टर पर आधारित होगी. रिमोट वर्किंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विष्य की दुनिया सेमीकंडक्टर पर आधारित प्रसार और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के कारण दुनिया एक नये दौर में प्रवेश कर रही है. इसी कारण वैसिक सेमीकंडक्टर उद्योग भी विकास के लिए तैयार है. वैश्विक कंसल्टिंग फर्म मैकेंजी के अनुसार 2030 तक सेमीकंडक्टर उद्योग के राजस्थ के एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. इस वृद्धि के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से के लिए केवल तीन उद्योग- ऑटोमोटिव कम्प्यूटेशन डेटा स्टोरेज और वायरलेस जिम्मेदार होंगे. असे ऑटोमोटिस उद्योग में ही मांग में तीन गुना वृद्धि दर्ज होने की संभावना है, जिसके लिए कुछ हद तक इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग भी जिम्मेदार होगी. यदि ऐसा होता है तो आने वाले वर्षों में अकेले ऑटोमोटिव क्षेत्र सेमीकंडक्टर उद्योग के 20 प्रतिशत विस्तार में योगदान देगा.

वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर की बिक्री का आंकड़ा

सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री एसोसिएशन (एसआइ) ने इस वर्ष जून में बताया कि अप्रैल 2023 में वैकि सेमीकंडक्टर उद्योग की बिक्री 40 अरब डॉलर रही, जो मार्च 2023 के 39 अरब डॉलर की तुलना में 0 प्रतिशत अधिक है, जबकि अप्रैल 2022 में बिका कुल आंकड़ा 50.9 अरब डॉलर था. इस लिहाज से देखें तो इस वर्ष अप्रैल में हुई बिक्री बीते वर्ष अप्रैल क तुलना में 21.6 प्रतिशत कम रही है.

वर्ल्ड सेमीकंडक्टर ट्रेड स्टेटिस्टिक्स (डब्ल्यूएसटीएस) ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट की माने तो 2023 में सेमीकंडक्टर की वैधिक बिक्री में 10.3 प्रतिशत की कमी आयेगी. इस कारण इसकी वैश्विक बिक्री 515.1 अरब डॉलर तक ही होने की संभावना, जो 2022 के 574. 1 अरब डॉलर से कम है.

वर्ष 2024 में 11 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सेमीकंडक्टर की बिक्री के 576 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है, जो इस उद्योग की अब तक की सबसे अधिक कुल बिक्री होगी.

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विश्व की अग्रणी सेमीकंडक्टर कंपनियां

राजस्व के हिसाब से अमेरिकी कंपनी हायनिक्स दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इंटेल विश्व की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर मेमोरी चिपमेकर और चौथी सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी है. कंपनी माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण करती है.

अमेरिकी कंपनी माइक्रॉन टेक्नोलॉजी सेमीकंडक्टर के निर्माण में दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी कंपनी है. यह डायनामिक रैम, फ्लैश मेमोरी, यूएसबी फ्लैश ड्राइव और कंपनी डेटा स्टोरेज प्रोडक्ट का निर्माण करती है.

सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण में दक्षिण कोरिया की कंपनी सैमसंग विश्व की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. यह डीआरएएम, एसएसडी, प्रोसेसर, इमेज सेंसर जैसे इनोवेटिव सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस के लिए जानी जाती है.

ताइवान की कंपनी, टीएसएमसी सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है.

दक्षिण कोरियाई कंपनी एसके हायनिक्स दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मेमोरी चिपमेकर और चौथी सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनी है.

इन सबके अतिरिक्त क्वालकॉम, ब्रॉडकॉम, इनफिनिऑन टेक्नोलॉजीज आदि भी सेमीकंडक्टर निर्माण की अग्रणी कंपनियों में शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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