Made in India Semiconductor चिप अगले 14 महीनों में भारतीय बाजारों में आ सकती है, राजीव चंद्रशेखर ने कही यह बात
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 30 Jul 2023 2:49 PM
Made in India Semiconductor - इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री चंद्रशेखर ने उम्मीद जताते हुए कहा कि अगले 12 से 14 महीनों में भारत में बनी पहली चिप बाजारों में आ सकती है.
Made in India Semiconductor : सेमीकाॅन इंडिया 2023 इवेंट में केंद्रीय इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि दुनिया के लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक भरोसेमंद, लचीले भागीदार के रूप में उभरे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया भारत के साथ साझेदारी करना चाहती है और भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ाएगा.
अगले 14 महीनों में भारत में बनी बाजारों में आ सकती है पहली चिप
केंद्रीय मंत्री ने गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया 2023’ कार्यक्रम के मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस क्षेत्र में कॉलेजों में पढ़ने वाले युवाओं के लिए अधिक से अधिक अवसर पैदा करना चाहते हैं. इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री चंद्रशेखर ने उम्मीद जताते हुए कहा कि अगले 12 से 14 महीनों में भारत में बनी पहली चिप बाजारों में आ सकती है.
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युवा भारतीयों के लिए अधिक अवसर पैदा करना है
राजीव चंद्रशेखर ने सेमीकाॅन इंडिया 2023 से इतर बात करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण कॉलेजों में पढ़ने वाले युवा भारतीयों के लिए अधिक से अधिक अवसर पैदा करना है. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री ने कहा कि हाल में हुई चिप की कमी रूस-यूक्रेन युद्ध और कोविड महामारी के साथ ही ऑटोमोटिव, आईओटी, कंप्यूटर और मोबाइल फोन में चिप की बढ़ती मांग के कारण थी.
सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र में नेतृत्व करेंगे युवा भारतीय
उन्होंने कहा, अब दुनिया और भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ ही सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी एक भरोसेमंद और लचीले भागीदार के रूप में उभरे. उन्होंने कहा कि दुनिया इस क्षेत्र में भारत के साथ साझेदारी करना चाहती है और युवा भारतीय सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र में नेतृत्व करने जा रहे हैं.
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अगले 10 साल में भारत कहां होगा?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर परिवेश में ऐसा कोई नहीं है जो भारत को निवेश और नवाचार के लिए एक बहुत विश्वसनीय, व्यवहार्य और तेजी से उभरते गंतव्य के रूप में नहीं देखता है. उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अगले 10 साल में 10 अरब डॉलर (लगभग 81,993 करोड़ रुपये) के साथ वह उपलब्धि हासिल करने के लिए तैयार है, जिसे प्राप्त करने के लिए चीन ने तीन दशक तक प्रयास किया है. उन्होंने कहा, हम 10 अरब डॉलर के साथ अगले 10 साल में वह हासिल करने की ओर अग्रसर हैं, जिसे प्राप्त करने में चीन को 25-30 साल लगे और उसके बावजूद वह सफलता हासिल नहीं कर पाया.
भारत को सेमीकंडक्टर राष्ट्र बनाने का सपना
चंद्रशेखर ने कहा कि माइक्रोन के साथ एटीएमपी परियोजना से सेमीकंडक्टर उद्योग में 5,000 प्रत्यक्ष और 15,000 अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे. पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा- वैश्विक मेमोरी समाधान क्षेत्र में माइक्रोन दुनिया की अग्रणी कंपनी है. उन्होंने कहा, कभी-कभी कुछ लोग या तो समझ की कमी या जानबूझकर पिछले 15 महीनों के प्रयास को अलग-अलग तरीकों से चित्रित करते हैं. लेकिन सेमीकंडक्टर पर भारत की कहानी, भारत को सेमीकंडक्टर राष्ट्र बनाने का सपना पहली बार कुछ महीने पहले शुरू हुआ है.
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By Rajeev Kumar
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