एप्पल के लिए iPhone बनाने वाली फॉक्सकॉन अब बनाएगी इलेक्ट्रिक कार, ब्लू सॉल्यूशंस के साथ किया करार
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 03 Nov 2023 3:32 PM
बोलोरे ग्रुप इकाई और वैश्विक औद्योगिक पैमाने के डिजाइनर और सॉलिड-स्टेट बैटरी के निर्माता कंपनी ब्लू सॉल्यूशंस नेइलेक्ट्रिक दोपहिया में इस्तेमाल होने वाली सॉलिड-स्टेट बैटरी बनाने के लिए हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप की कंपनी फॉक्सकॉन और इसकी सहायक कंपनी सॉलिडएज सॉल्यूशन इंक के साथ समझौता किया है.
नई दिल्ली : स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनी एप्पल के लिए iPhone असेंबल करने वाली फॉक्सकॉन अब इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में कदम रखने जा रही है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में जैसे-जैसे स्मार्टफोन की डिमांड में गिरावट आ रही है, ताइवान की दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी फॉक्सकॉन इलेक्ट्रिक वाहन के कारोबार में कदम रखने जा रही है. फॉक्सकॉन के चेयरमैन यंग लियू ने मीडिया से बातचीत के दौरान जून 2023 में कहा था कि उनकी कंपनी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बनाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण पर भी फोकस बढ़ा रही है. कंपनी ने चीन से अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स को भी दूसरे देश में शिफ्ट करने का ऐलान किया है.
बैटरी बनाने के लिए ब्लू सॉल्यूशंस के साथ समझौता
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बोलोरे ग्रुप इकाई और वैश्विक औद्योगिक पैमाने के डिजाइनर और सॉलिड-स्टेट बैटरी के निर्माता कंपनी ब्लू सॉल्यूशंस ने संयुक्त रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार के लिए एक सॉलिड-स्टेट बैटरी इकोसिस्टम विकसित करने के लिए हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप की कंपनी फॉक्सकॉन और इसकी सहायक कंपनी सॉलिडएज सॉल्यूशन इंक के साथ समझौता किया है. ये दोनों कंपनियां दोपहिया वाहनों के लिए बैटरी विकसित करने और उत्पादन करने के लिए अपनी विशेषज्ञता, प्रौद्योगिकियों और संसाधनों के इस्तेमाल करने पर सहमत हुए हैं. उनका उद्देश्य ब्लू सॉल्यूशंस की विशेष सॉलिड-स्टेट सेल तकनीक का उपयोग करके बैटरी बनाना है.
भारत में लगा सकती है प्लांट
सूत्रों के हवाले से मीडिया की रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि फॉक्सकॉन भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा सकती है. फॉक्सकॉन आने वाले कुछ सालों में ग्लोबल इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट के लगभग 5 फीसदी पर कब्जा करने की उम्मीद कर रही है. कंपनी ने अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए कुछ मॉडलों का निर्माण भी किया है. फॉक्सकॉन के चेयरमैन यंग लियू का कहना है कि आने वाले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड तेजी से बढ़ेगी. ऐसे में कंपनी लग्जरी के साथ बजट सेगमेंट वाली इलेक्ट्रिक कारें भी लॉन्च करेगी.
अमेरिका-चीन के विवाद के चलते उठाया यह कदम
कंपनी का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच चल रहे आपसी विवाद के चलते उसने यह कदम उठाने का विचार किया है. यंग लियू का कहना है कि कंपनी को सबसे खराब स्थिति के लिए भी तैयार रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे यह उम्मीद भी करते हैं कि अमेरिका और चीन शांति और स्थिरता को ध्यान में रखेंगे, लेकिन एक सीईओ होने के नाते उन्हें यह सोचना होगा कि अगर सबसे खराब स्थिति होती है तो क्या होगा.
ताइवान पर कब्जा करने की फिराक में चीन
ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे अरसे से तनाव चल रहा है. चीन ताइवान पर कब्जा करने के लिए इस आईलैंड देश पर कभी भी आक्रमण कर सकता है. यंग लियू का कहना है कि व्यापार निरंतरता बनाए रखने के लिए पहले से ही प्रयास किए जा रहे हैं. इसके तहत कंपनी ने अपनी कुछ इकाइयों को चीन से हटाकर मैक्सिको और वियतनाम में स्थानांतरित कर दिया है. राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए फॉक्सकॉन के डेटा सर्वर भी चीन से हटा दिए गए हैं.
1974 में टीवी का नॉब बनाई थी फॉक्सकॉन
होन हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप की कंपनी फॉक्सकॉन ने 1974 में टीवी के लिए नॉब बनाना शुरू किया था. अब यह 200 बिलियन डॉलर के वार्षिक राजस्व के साथ दुनिया की सबसे शक्तिशाली टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक है. अब यह कंपनी एप्पल iPhone और iMac जैसे स्मार्टफोन बनाती है. फॉक्सकॉन के ग्राहकों में माइक्रोसॉफ्ट, सोनी, डेल और अमेजन भी शामिल हैं.
Also Read: रतन टाटा ने गरीबों को दिया दिवाली गिफ्ट, अब हर कोई खरीद सकेगा Electric Car, जानें कौन सी है कार
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










