2.17 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल… भारत में मिलने वाली एक टॉफी से भी सस्ता है इस देश में पेट्रोल, जानिए वजह

Edited by Rajeev Kumar
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दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल कहां मिलता है // सिंबॉलिक एआई पिक

ज्यादातर लोग ईरान या वेनेजुएला को सबसे सस्ते पेट्रोल वाला देश मानते हैं, लेकिन ताजा आंकड़े कुछ और कहानी बताते हैं. जानिए किस देश में पेट्रोल की कीमत महज 2.17 रुपये प्रति लीटर है.

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पेट्रोल की बढ़ती कीमतें दुनिया के कई देशों में लोगों की जेब पर असर डाल रही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा देश भी है जहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत भारत में मिलने वाली एक टॉफी से भी कम है? दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के सबसे सस्ते पेट्रोल वाले देशों की चर्चा होते ही ज्यादातर लोगों के मन में ईरान या वेनेजुएला का नाम आता है, लेकिन हकीकत इससे अलग है. ताजा आंकड़ों के अनुसार दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल अफ्रीकी देश लीबिया में मिलता है, जहां इसकी कीमत करीब 2.17 रुपये प्रति लीटर है.

क्यों चर्चा में है लीबिया?

लीबिया दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में गिना जाता है और उसके पास दुनिया का दसवां सबसे बड़ा तेल भंडार मौजूद है. हालांकि तेल भंडार के मामले में यह वेनेजुएला और ईरान से पीछे है, फिर भी पेट्रोल की कीमत के मामले में दोनों देशों को पछाड़ चुका है. कम आबादी और ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी नियंत्रण की वजह से यहां ईंधन की कीमतें बेहद कम बनी हुई हैं.

ईरान और वेनेजुएला क्यों नहीं हैं पहले स्थान पर?

दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखने वाला वेनेजुएला पेट्रोल की सस्ती कीमतों की सूची में तीसरे स्थान पर है, जबकि तीसरे सबसे बड़े तेल भंडार वाला ईरान दूसरे नंबर पर आता है. इससे साफ होता है कि सिर्फ तेल भंडार ही पेट्रोल की कीमत तय नहीं करते. सरकारी सब्सिडी, टैक्स नीति, रिफाइनिंग क्षमता और स्थानीय आर्थिक परिस्थितियां भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं.

भारत और लीबिया में कितना बड़ा अंतर?

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. यही वजह है कि यहां पेट्रोल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार और टैक्स स्ट्रक्चर से काफी प्रभावित होती हैं. हाल के वर्षों में कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास या उससे ऊपर पहुंच चुकी है. इसके मुकाबले लीबिया में पेट्रोल की कीमत महज 2.17 रुपये प्रति लीटर है, जो भारतीय कीमतों की तुलना में बेहद कम है.

तेल कीमतों पर वैश्विक घटनाओं का असर

कच्चे तेल का बाजार वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक घटनाओं से प्रभावित होता है. पश्चिम एशिया में तनाव, उत्पादन में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने जैसी परिस्थितियां तेल की कीमतों को ऊपर-नीचे कर सकती हैं. यही कारण है कि तेल आयात पर निर्भर देशों में ईंधन की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.

क्या भारत में भी सस्ता हो सकता है पेट्रोल?

भारत सरकार लंबे समय से एथेनॉल ब्लेंडिंग और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा दे रही है ताकि आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हो सके. हालांकि निकट भविष्य में लीबिया जैसी कीमतों की उम्मीद करना मुश्किल है, लेकिन घरेलू ऊर्जा उत्पादन और वैकल्पिक ईंधनों के विस्तार से लागत पर कुछ हद तक नियंत्रण संभव हो सकता है.

दुनिया के सबसे सस्ते पेट्रोल वाले देशों की सूची यह दिखाती है कि सिर्फ तेल भंडार होना ही पर्याप्त नहीं है. किसी देश की ऊर्जा नीति, कर व्यवस्था और आर्थिक ढांचा भी ईंधन की अंतिम कीमत तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. फिलहाल लीबिया इस मामले में दुनिया का सबसे सस्ता पेट्रोल उपलब्ध कराने वाला देश बना हुआ है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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