Car Tips: यह बात नहीं जानी, तो कार सर्विस सेंटर वाले आपको लगा देंगे चूना
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 19 Aug 2025 6:42 PM
Car Servicing Tips
Car Tips: अपने वाहन को सर्विसिंग के लिए लेकर गए तो कहीं आपको ज्यादा पैसा ना देना पड़ जाए? जानिए सर्विस सेंटर्स की आम धोखेबाजियां और बचाव के आसान कदम
Car Tips: जब आपकी कार को बेहतर बनाए रखने की बारी आती है, तो यह बेहद तकलीफदेह होता है कि कभी-कभी सर्विसिंग सेंटर ही ग्राहकों से अतिरिक्त पैसा वसूलने के लिए अनावश्यक सेवाएं, झूठे रिपेयर, या प्रेशर-सेल टेक्निक का सहारा लेते हैं. ऐसे में जानना कि आम तौर पर ये धोखे कहां पर होते हैं और उनसे बचने के उपाय क्या हैं- बहुत काम का हो सकता है.
आम धोखेबाजियां जो सर्विस सेंटर करते हैं
अनावश्यक सेवाओं का सुझाव देना
कई सर्विस सेंटर इंजन डिकार्बोनाइजेशन, फ्यूल इंजेक्टर क्लीनिंग जैसे महंगे, लेकिन अक्सर जरूरी नहीं होने वाले काम बैलेंस-सेट कर करवा देते हैं. उदाहरण के लिए, आधुनिक कार में डिकार्बोनाइजेशन की जरूरत आमतौर पर बहुत कम होती है, पर फिर भी यह हर सर्विस में थोप दी जाती है, जिससे ₹1,800 तक का अतिरिक्त खर्च हो सकता है.
पुरानी या नकली पार्ट्स को नए बताकर लगाना
कुछ मामलों में सर्विसिंग सेंटर ग्राहकों को पुरानी या घटिया क्वालिटी की पार्ट्स ही लगा देते हैं, लेकिन नए की कीमत वसूलते हैं. यह उसी AARP स्टडी में भी सामने आया कि 50% ग्राहकों ने कहा कि उन्हें ऐसी सेवाएं बेची गई जो वास्तविक नहीं थीं, 11% ने बताया कि पुराने पार्ट्स का नाम नए के रूप में लिया गया.
टाइम और लेबर चार्ज बढ़ा-चढ़ाकर देना
कुछ मैकेनिक काम को जानबूझकर लंबा करके बताए गए समय से अधिक चार्ज कर देते हैं – एक सरल ऑपरेशन में घंटों का बिल दे देना ग्रैवी वर्क कहलाता है, जो ग्राहकों को आर्थिक रूप से नुक़सान पहुंचाता है.
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कैसे बचें इन धोखों से – कार बचाव टिप्स
अपनी कार का मैन्युअल पढ़ें. यह आपको बताएगा कि कौन-सी सर्विस की जरूरत कब है.
नई सर्विस सेंटर का छोटा टेस्ट करें. पहले एक सादा काम जैसे ऑइल चेंज करवाएं – इससे उनकी विश्वसनीयता का अंदाजा लग जाता है.
बिलिंग में पारदर्शिता मांगें. पार्ट्स और लेबर के अलग-अलग बिल मांगें और यदि कोई स्पेयर कहा गया है, तो पुराना हिस्सा खुद देखें या वापस लें.
अन्य सर्विस सेंटर से दूसरी राय लें. यदि चार्ज कई गुना अधिक लगे, तो दूसरी जगह सर्विस करवाना फायदे में रहेगा.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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