Car Number Plate Colour: सड़क पर दिखती हैं अलग-अलग रंग की नंबर प्लेट, लेकिन 90% लोग नहीं जानते इनका मतलब

Updated:
विज्ञापन
Car Number Plate Colour: सड़क पर दिखती हैं अलग-अलग रंग की नंबर प्लेट, लेकिन 90% लोग नहीं जानते इनका मतलब

Car Number Plate Colours: भारत में गाड़ियों की नंबर प्लेट सिर्फ पहचान नहीं बताती, बल्कि उनके इस्तेमाल का मकसद भी दर्शाती है. अलग-अलग रंग, अक्षर और निशान यह बताते हैं कि वाहन निजी है, कमर्शियल या खास सेवा में इस्तेमाल हो रहा है. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

विज्ञापन

Car Number Plate Colour: भारत में गाड़ियों की नंबर प्लेट सिर्फ सफेद या पीली ही नहीं होती, बल्कि इनके कई अलग-अलग रंग और पहचान होती है. कुछ नंबर प्लेट पर अलग रंग के अक्षर-नंबर होते हैं, तो कहीं खास निशान भी देखने को मिलते हैं. इन्हीं रंगों और लिखावट के जरिए यह पता चलता है कि गाड़ी किस काम के लिए इस्तेमाल हो रही है. आज हम आपको भारत में चलने वाली अलग-अलग तरह की गाड़ियों के नंबर प्लेट के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि अगली बार सड़क पर कोई अलग नंबर प्लेट दिखे तो आप तुरंत उसकी पहचान कर सकें.

काले अक्षरों वाली सफेद नंबर प्लेट

ये वाले नंबर प्लेट आपको ज्यादा देखने को मिलते होंगे. यह प्लेट निजी इस्तेमाल वाली गाड़ियों में लगाई जाती है और इससे साफ पता चलता है कि गाड़ी पर्सनल यूज के लिए है.

सफेद अक्षरों वाली हरा नंबर प्लेट

हरे रंग की नंबर प्लेट यह बताती है कि गाड़ी जीरो-एमिशन यानी बिना प्रदूषण वाली है, जैसे इलेक्ट्रिक गाड़ी. प्लेट पर सफेद अक्षर होने का मतलब है कि यह निजी तौर पर रजिस्टर्ड गाड़ी है, न कि कमर्शियल EV. पहले इस तरह की नंबर प्लेट हाइड्रोजन कारों में भी देखने को मिली है, जिनमें ईंधन से बिजली बनाई जाती है.

काले अक्षरों वाली पिली नंबर प्लेट

प्राइवेट गाड़ियों से अलग, कमर्शियल काम में इस्तेमाल होने वाले गाड़ियों पर पीले रंग की नंबर प्लेट होती है, जिस पर काले अक्षरों में नंबर लिखे होते हैं. इससे गाड़ी का इस्तेमाल किस लिए हो रहा है, यह तुरंत समझ आ जाता है. गाड़ी के प्रकार के हिसाब से उसे चलाने के लिए अलग लाइसेंस या परमिट की जरूरत भी पड़ सकती है.

पिली अक्षरों वाली काली नंबर प्लेट

कमर्शियल कैटेगरी में आने वाली रेंटल और सेल्फ-ड्राइव गाड़ियों में नंबर प्लेट का रंग उलटा होता है, यानी काले बैकग्राउंड पर पीले अक्षर लिखे होते हैं. खास बात यह है कि ऐसी गाड़ियां चलाने के लिए कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत नहीं होती, इन्हें आम लाइसेंस से भी चलाया जा सकता है.

पिली अक्षरों वाली हरी नंबर प्लेट

पीले अक्षरों वाली हरी नंबर प्लेट आमतौर पर इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियों में देखने को मिलती है. इसमें पीला रंग यह बताता है कि गाड़ी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए है, जबकि हरा बैकग्राउंड इस बात का संकेत देता है कि यह गाड़ी जीरो एमिशन यानी इलेक्ट्रिक है.

लाल अक्षरों वाली पिली नंबर प्लेट

जो वाहन अभी रजिस्टर नहीं होते, उन्हें अस्थायी (टेम्परेरी) रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है, जिसकी वैधता 1 महीने तक होती है. इस दौरान गाड़ी के मालिक को संबंधित RTO में जाकर स्थायी रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है. मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के अनुसार, हर गाड़ी को आखिरकार स्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर लेना ही होता है.

सफेद अक्षरों वाली नीली नंबर प्लेट

ये नंबर प्लेटें भारत में मौजूद दूतावासों में तैनात राजनयिकों और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को दी जाती हैं. इनका बैकग्राउंड नीला होता है और उस पर सफेद रंग में नंबर और अक्षर लिखे होते हैं. अगर इसी नीले रंग की प्लेट पर पीले अक्षर दिखें, तो इसका मतलब होता है कि वह गाड़ी किसी कांसुलेट में काम करने वाले व्यक्ति को दी गई है.

ऊपर की ओर इशारा करने वाला तीर का निशान

काले रंग की नंबर प्लेट, जिस पर सफेद रंग से नंबर या निशान बने होते हैं, आमतौर पर हमारे सशस्त्र बलों के गाड़ियों में लगाई जाती है. इसके अलावा सेना, वायुसेना और नौसेना के वाहनों पर अलग-अलग पहचान के लिए खास रंग और चिन्ह भी इस्तेमाल किए जाते हैं, जैसे सेना के लिए लाल रंग पर स्टार, वायुसेना के लिए आसमानी नीला और नौसेना के लिए गहरा नीला रंग.

यह भी पढ़ें: Automatic Vs Manual Car: ऑटोमैटिक या मैनुअल? कार खरीदने से पहले ये नहीं जाना तो पड़ जाएगा पछताना

विज्ञापन
अंकित आनंद

लेखक के बारे में

By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola