Car Number Plate Colour: सड़क पर दिखती हैं अलग-अलग रंग की नंबर प्लेट, लेकिन 90% लोग नहीं जानते इनका मतलब

Published by : Ankit Anand Updated At : 02 Jan 2026 2:42 PM

विज्ञापन

Car Number Plate Colour (Pic- AI Generated)

Car Number Plate Colours: भारत में गाड़ियों की नंबर प्लेट सिर्फ पहचान नहीं बताती, बल्कि उनके इस्तेमाल का मकसद भी दर्शाती है. अलग-अलग रंग, अक्षर और निशान यह बताते हैं कि वाहन निजी है, कमर्शियल या खास सेवा में इस्तेमाल हो रहा है. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

विज्ञापन

Car Number Plate Colour: भारत में गाड़ियों की नंबर प्लेट सिर्फ सफेद या पीली ही नहीं होती, बल्कि इनके कई अलग-अलग रंग और पहचान होती है. कुछ नंबर प्लेट पर अलग रंग के अक्षर-नंबर होते हैं, तो कहीं खास निशान भी देखने को मिलते हैं. इन्हीं रंगों और लिखावट के जरिए यह पता चलता है कि गाड़ी किस काम के लिए इस्तेमाल हो रही है. आज हम आपको भारत में चलने वाली अलग-अलग तरह की गाड़ियों के नंबर प्लेट के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि अगली बार सड़क पर कोई अलग नंबर प्लेट दिखे तो आप तुरंत उसकी पहचान कर सकें.

काले अक्षरों वाली सफेद नंबर प्लेट

ये वाले नंबर प्लेट आपको ज्यादा देखने को मिलते होंगे. यह प्लेट निजी इस्तेमाल वाली गाड़ियों में लगाई जाती है और इससे साफ पता चलता है कि गाड़ी पर्सनल यूज के लिए है.

सफेद अक्षरों वाली हरा नंबर प्लेट

हरे रंग की नंबर प्लेट यह बताती है कि गाड़ी जीरो-एमिशन यानी बिना प्रदूषण वाली है, जैसे इलेक्ट्रिक गाड़ी. प्लेट पर सफेद अक्षर होने का मतलब है कि यह निजी तौर पर रजिस्टर्ड गाड़ी है, न कि कमर्शियल EV. पहले इस तरह की नंबर प्लेट हाइड्रोजन कारों में भी देखने को मिली है, जिनमें ईंधन से बिजली बनाई जाती है.

काले अक्षरों वाली पिली नंबर प्लेट

प्राइवेट गाड़ियों से अलग, कमर्शियल काम में इस्तेमाल होने वाले गाड़ियों पर पीले रंग की नंबर प्लेट होती है, जिस पर काले अक्षरों में नंबर लिखे होते हैं. इससे गाड़ी का इस्तेमाल किस लिए हो रहा है, यह तुरंत समझ आ जाता है. गाड़ी के प्रकार के हिसाब से उसे चलाने के लिए अलग लाइसेंस या परमिट की जरूरत भी पड़ सकती है.

पिली अक्षरों वाली काली नंबर प्लेट

कमर्शियल कैटेगरी में आने वाली रेंटल और सेल्फ-ड्राइव गाड़ियों में नंबर प्लेट का रंग उलटा होता है, यानी काले बैकग्राउंड पर पीले अक्षर लिखे होते हैं. खास बात यह है कि ऐसी गाड़ियां चलाने के लिए कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत नहीं होती, इन्हें आम लाइसेंस से भी चलाया जा सकता है.

पिली अक्षरों वाली हरी नंबर प्लेट

पीले अक्षरों वाली हरी नंबर प्लेट आमतौर पर इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियों में देखने को मिलती है. इसमें पीला रंग यह बताता है कि गाड़ी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए है, जबकि हरा बैकग्राउंड इस बात का संकेत देता है कि यह गाड़ी जीरो एमिशन यानी इलेक्ट्रिक है.

लाल अक्षरों वाली पिली नंबर प्लेट

जो वाहन अभी रजिस्टर नहीं होते, उन्हें अस्थायी (टेम्परेरी) रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है, जिसकी वैधता 1 महीने तक होती है. इस दौरान गाड़ी के मालिक को संबंधित RTO में जाकर स्थायी रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है. मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के अनुसार, हर गाड़ी को आखिरकार स्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर लेना ही होता है.

सफेद अक्षरों वाली नीली नंबर प्लेट

ये नंबर प्लेटें भारत में मौजूद दूतावासों में तैनात राजनयिकों और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को दी जाती हैं. इनका बैकग्राउंड नीला होता है और उस पर सफेद रंग में नंबर और अक्षर लिखे होते हैं. अगर इसी नीले रंग की प्लेट पर पीले अक्षर दिखें, तो इसका मतलब होता है कि वह गाड़ी किसी कांसुलेट में काम करने वाले व्यक्ति को दी गई है.

ऊपर की ओर इशारा करने वाला तीर का निशान

काले रंग की नंबर प्लेट, जिस पर सफेद रंग से नंबर या निशान बने होते हैं, आमतौर पर हमारे सशस्त्र बलों के गाड़ियों में लगाई जाती है. इसके अलावा सेना, वायुसेना और नौसेना के वाहनों पर अलग-अलग पहचान के लिए खास रंग और चिन्ह भी इस्तेमाल किए जाते हैं, जैसे सेना के लिए लाल रंग पर स्टार, वायुसेना के लिए आसमानी नीला और नौसेना के लिए गहरा नीला रंग.

यह भी पढ़ें: Automatic Vs Manual Car: ऑटोमैटिक या मैनुअल? कार खरीदने से पहले ये नहीं जाना तो पड़ जाएगा पछताना

विज्ञापन
Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola