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Bye Bye Beetle : हिटलर की इस फेरवेट कार का प्रोडक्शन अगले साल हो जाएगा बंद, जानें

Updated at : 14 Sep 2018 11:02 PM (IST)
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Bye Bye Beetle : हिटलर की इस फेरवेट कार का प्रोडक्शन अगले साल हो जाएगा बंद, जानें

न्यूयॉर्क : जर्मनी के तानाशाह हिटलर की पसंद रह चुकी बीटल कार अब अपने उत्पान के अंतिम दिनों की गिनती कर रही है. एक समय इस कार ने आम लोगों की कार के तौर पर दुनिया भर में धूम मचायी थी. पिछले 70 साल से इसने दुनिया भर की सड़कों पर एक खास पहचान बनायी […]

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न्यूयॉर्क : जर्मनी के तानाशाह हिटलर की पसंद रह चुकी बीटल कार अब अपने उत्पान के अंतिम दिनों की गिनती कर रही है. एक समय इस कार ने आम लोगों की कार के तौर पर दुनिया भर में धूम मचायी थी.

पिछले 70 साल से इसने दुनिया भर की सड़कों पर एक खास पहचान बनायी है. बीटल की विनिर्माता जर्मनी की कंपनी फॉक्सवैगन ने गुरुवार को कहा कि वह इसके अंतिम संस्करणों के एक जोड़े का उत्पादन कर 2019 में इसका उत्पादन बंद कर देगी.

कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों तथा बड़े परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही कारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है. इस लिए उसकी प्रथमिकता में बीटल हाशिये से भी बाहर पहुंचने की कगार पर है.

अमेरिका में फॉक्सवैगन ग्रुप के मुख्य कार्यकारी हिनरिक वोएबकेन ने एक बयान में कहा, हम अमेरिकी परिवारों की जरूरत के हिसाब से उपयुक्त वाहनों और विद्युतीकरण पर ध्यान दे रहे हैं.

हालांकि मैं यह भी कहना चाहूंगा कि कभी भी ‘कभी नहीं’ नहीं कहना चाहिए. उन्होंने कहा, तीन पीढ़ियों और करीब सात दशकों से अधिक समय बाद बीटल का बंद होना इसके समर्पित प्रशंसकों की भावनाओं को स्पंदित करेगा.

कंपनी ने कहा कि उसकी योजना बीटल के दो अंतिम संस्करण पेश करने की है. इसकी कीमत 23,045 डॉलर और इससे अधिक हो सकती है. नाजी जर्मनी में अवतरित यह कार कालांतर में एक वैश्विक परिघटना बनकर उभरी.

फर्डिनांड पॉर्श ने इसे हिटलर के समर्थन से विकसित किया था. पॉर्श ने हिटलर के संरक्षण में 1937 में सार्वजनिक वाहन निर्माता कंपनी फॉक्सवैगनवर्क यानी आम लोगों की कार बनाने वाली फैक्ट्री (कंपनी) गठित की थी.

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी के वाहन उद्योग को बदहाली से बाहर निकालने के लिए फॉक्सवैगन को प्राथमिकता दी. सेडान बीटल को अमेरिका में पहली बार 1950 के दशक में उतारा गया था.

नाजी जर्मनी से जुड़ाव के कारण तब इसकी बिक्री काफी कम रही थी. चैनल ‘हिस्ट्री’ के अनुसार, विज्ञापन एजेंसी डॉयले डेन बर्नबैक ने 1959 में कार को नये सिरे से पेश किया और इसके छोटे आकार को उपभोक्ताओं के लिए फायदा बताकर प्रचारित किया.

कार को डिज्नी की 1968 की फिल्म ‘दी लव बग’ से खासी लोकप्रियता मिली. इस फिल्म में एक ऐसी फॉक्सवैगन कार की कहानी थी जो खुद सोच सकती थी. अंतिम बीटल एलबम ‘एब्बी रोड’ की पृष्ठभूमि में भी यह सबसे मुख्य कार रही थी.

कार एंड ड्राईवर के अनुसार, अमेरिका में 1979 में बीटल की बिक्री बंद कर दी गयी. हालांकि मैक्सिको और ब्राजील में इसका उत्पादन जारी रहा. बाद में कंपनी ने ‘न्यू बीटल’ को 1997 में अमेरिकी बाजार में पेश किया. बीटल की अमेरिका में बिक्री 2017 में 3.2 प्रतिशत गिरकर 15,667 इकाइयों पर आ गयी.

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