Arrah News: ग्रामीण बैंक केसीसी खाताधारकों से करेगा समझौता, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
आरा में बिहार ग्रामीण बैंक ने एनपीए हो चुके केसीसी खातों के समाधान के लिए विशेष समझौता योजना शुरू की है. किसानों को एकमुश्त भुगतान, ब्याज में छूट और कानूनी कार्रवाई से राहत मिलेगी. सभी शाखाओं में शिविर लगाए जा रहे हैं. बैंक ने किसानों से जल्द योजना का लाभ उठाने की अपील की है.
Arrah News:(नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) बिहार ग्रामीण बैंक ने किसानों को राहत देने के उद्देश्य से पहली बार केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण खातों के समाधान के लिए विशेष समझौता योजना शुरू की है. इस योजना के तहत उन किसानों को भारी छूट और आसान समाधान की सुविधा दी जाएगी, जिनका केसीसी ऋण खाता किसी कारणवश एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) हो गया है.
बिहार ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय आरा के क्षेत्रीय प्रबंधक जितेंद्र कुमार ने बताया कि बैंक की किसी भी शाखा से केसीसी ऋण लेने वाले किसान, जिनका खाता समय पर भुगतान नहीं होने के कारण खराब हो गया है, वे अब इस विशेष योजना का लाभ उठाकर अपने खाते का समाधान करा सकते हैं.
योजना के तहत किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं
विशेष समझौता योजना के अंतर्गत किसानों को कई तरह की राहत दी जाएगी। इसमें एकमुश्त समझौता सुविधा, अतिरिक्त ब्याज एवं अन्य भार में छूट, कानूनी कार्रवाई से राहत, डीपीआर एवं पुलिस केस से बचाव जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
बैंक की ओर से सभी शाखाओं में विशेष समझौता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं, जहां किसानों को उनके केसीसी खातों के समाधान के लिए विशेष छूट दी जा रही है।
किसानों से बैंक की अपील
बिहार ग्रामीण बैंक ने किसानों से अपील की है कि वे इस सीमित अवधि वाली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और जल्द से जल्द अपनी संबंधित शाखा से संपर्क कर अपने केसीसी खाते का समाधान कराएं. बैंक का कहना है कि यह योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने और परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने में भी सहायक होगी.
बैंक ने किसानों को संदेश देते हुए कहा कि आज ही कदम बढ़ाइए , ‘अपने परिवार एवं भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाइए’.
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लेखक के बारे में
By Nikhil Anurag
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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