भरत भूषण तिवारी मामले में बिलौटी में शुरू हुआ अनिश्चितकालीन अनशन, न्याय मिलने तक संघर्ष का ऐलान

Edited by Nikhil Anurag
Updated:
विज्ञापन

अनसन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सचिन मिश्रा

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सचिन मिश्रा ने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है. अनशन से पहले उन्होंने मुंडन कर विरोध जताया और दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया.

विज्ञापन

भोजपुर (शाहपुर) से मिथिलेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट
Bharat Tiwari Encounter: पुलिस की कथित मुठभेड़ में मारे गए बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है. बेतिया से पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता सचिन मिश्रा ने बिलौटी गांव में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है. अनशन पर बैठने से पहले उन्होंने अपना मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराया.

मुंडन कर सरकार के खिलाफ जताया प्रतीकात्मक विरोध

अनशन शुरू करने से पहले सचिन मिश्रा ने सिर मुंडवाकर बिहार सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध जताया. उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी की मौत एक फर्जी मुठभेड़ का परिणाम है और मामले में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी तक उनका अनशन जारी रहेगा.

न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन

अनशन स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सचिन मिश्रा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी के परिजनों को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

समर्थन में जुटने लगे लोग

अनशन की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग समर्थन देने के लिए बिलौटी पहुंचने लगे हैं. अनशन स्थल पर जुटे लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

परिजनों को न्याय दिलाने की उठी मांग

समर्थकों का कहना है कि भरत भूषण तिवारी के परिजनों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा. लोगों ने कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा.

प्रशासन की गतिविधियों पर नजर

अनशन स्थल पर दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा. वहीं स्थानीय प्रशासन की गतिविधियों पर भी लोगों की नजर बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा.

इसे भी पढ़ें : तेजस्वी यादव के निर्देश पर भरत तिवारी के गांव पहुंची RJD की जांच टीम, परिजनों से की मुलाकात, पुलिस पर उठाए सवाल

विज्ञापन
Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन