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बाल सुधार गृह नहीं होने से हो रही परेशानी

Updated at : 17 Dec 2015 6:49 PM (IST)
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बाल सुधार गृह नहीं होने से हो रही परेशानी

बाल सुधार गृह नहीं होने से हो रही परेशानीप्रतिनिधि, लखीसरायजिले में बाल सुधार गृह नहीं होने से अपनी माता-पिता से बिछड़े बालक-बालिकाओं को अपने परिजनों से मिलाने में काफी परेशानी होती है. लगभग 12 लाख की आबादी वाले इस जिले की सारी रूपरेखा अन्य जिलों की तरह है. लेकिन ताज्जुब की बात है कि बाल […]

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बाल सुधार गृह नहीं होने से हो रही परेशानीप्रतिनिधि, लखीसरायजिले में बाल सुधार गृह नहीं होने से अपनी माता-पिता से बिछड़े बालक-बालिकाओं को अपने परिजनों से मिलाने में काफी परेशानी होती है. लगभग 12 लाख की आबादी वाले इस जिले की सारी रूपरेखा अन्य जिलों की तरह है. लेकिन ताज्जुब की बात है कि बाल सुधार गृह के लिए विभागीय आवंटन को देखनेवाला कोई नहीं है. जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा दो साल पूर्व बाल सुधार गृह के लिए तीन करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. स्थानीय किऊल बस्ती के समीप जमीन भी उपलब्ध करायी गयी थी लेकिन कुछ कारणवश रुपये को सरेंडर करना पड़ा. विदित हो कि राज्य के प्रत्येक जिलों की तरह लखीसराय में भी बाल सुधार गृह का निर्माण स्थानीय किऊल बस्ती में होनी थी. लेकिन गृह निर्माण नहीं होने से जिले में बरामद बच्चों को मुंगेर या पटना भेजा जाता है. जहां वे देर से अपने परिजनों के पास पहुंच पाते हैं. इस संबंध में विभाग का प्रभार देख रहे श्री कुमार ने बताया कि जल्द ही बाल गृह का निर्माण के लिए विभाग को लिखा जायेगा. उन्होंने कहा कि विभाग के द्वारा बच्चे को मुंगेर भेज दिया जाता है.

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